Madhya Pradesh

अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से आशीर्वाद लिया, 980 बार बातचीत को लेकर BJP पर किया हमला

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मुलाकात की तस्वीरें अखिलेश ने अपने X अकाउंट पर साझा की हैं। इस अवसर पर उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए राम मंदिर में हुए दान चढ़ावे की चोरी को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में दान चढ़ावे की चोरी से बड़ा पाप कोई नहीं हो सकता।

अखिलेश यादव ने कहा, “आज प्रातःकाल मैंने शंकराचार्य जी के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया। यह मेरे लिए सौभाग्य का क्षण है। मैंने सनातन धर्म पर आए संकट को दूर करने और अधर्मियों के चंगुल से धर्म को स्वतंत्र कराने के लिए गहन वार्ता की।” इस दौरान सपा प्रमुख ने आरोप लगाए कि राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मामला गुप्त नहीं रह गया है और इसके पीछे सत्ता पक्ष के बेहद शक्तिशाली लोग जिम्मेदार हैं।

अखिलेश ने भाजपा-आरएसएस पर साधा निशाना

राम मंदिर चोरी के मामले में बिना किसी पक्ष या संगठन का नाम लिए, अखिलेश यादव ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा प्रहार किया। ANI से बातचीत में उन्होंने कहा, “प्रभु श्रीराम ने समाज को मर्यादा का पाठ पढ़ाया है। परंतु अयोध्या में जो हो रहा है वह पूरी मर्यादा का अपमान है। कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए धर्म को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर रहे हैं। सनातन धर्म में चढ़ावे की चोरी सबसे बड़ा पाप है, और इन्हें महापापी कहा जा सकता है।”

फर्जी रसीद कट्टा और अन्वेषण में नई परतें

अखिलेश ने मामले में एक नई गंभीर विवेचना का हवाला देते हुए कहा, “फर्जी रसीद कट्टे से चंदा इकट्ठा करने का भी खुलासा हुआ है। छोटों पर कार्रवाई करते हुए असली उत्तरदायित्व वाले लोग छूट गए हैं। यह विषय पूरे देश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अभी ज्यादा परतें सामने आएंगी और सच्चाई जनता के सामने आएगी।” उन्होंने केंद्र सरकार की जांच प्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

980 बार बातचीत के आरोपों पर अखिलेश का जवाब

टिनू यादव से 980 बार बात करने के आरोपों का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “यह आरोप असंभव है और इसका राजनीतिक साज़िश से कोई नाता है। यदि मंदिर परिसर में काम करने वाले सभी लोगों के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाले जाएं तो उनमें से 99.9 प्रतिशत भाजपा से जुड़े लोग पाए जाएंगे। इससे पार्टी के अंदर बड़ी खलबली मचेगी, जो पहले से शुरू भी हो चुकी है।” उन्होंने मीडिया को बताया कि इस मामले में और भी कई खुलासे होंगे, जो राजनीति को हिला कर रख देंगे।

अखिलेश यादव ने अपनी बातों से यह स्पष्ट किया कि वे राम मंदिर में हो रही संदिग्ध गतिविधियों और भ्रष्टाचार को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही उन्होंने सनातन धर्म की स्वच्छता और मर्यादा बनाए रखने की अपील की। इस पूरी घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और आने वाले दिन इसमें और नए आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल सकते हैं।

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