पुणे के पास इमारत ढही, मलबे से एक शव बरामद, NDRF ने 9 लोगों को सुरक्षित निकाला

पुणे, महाराष्ट्र। पुणे के पिंपरी चिंचवड़ में बुधवार बजे कचरा प्रबंधन संयंत्र के समीप स्थित तीन मंजिला इमारत के ढहने की घटना ने इलाके में सनसनी मचा दी। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के अनुसार इस दुर्घटना में अब तक मलबे से एक शव बरामद हुआ है जबकि नौ लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। बचाव प्रक्रिया अधिक तीव्रता से जारी है ताकि और फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द बचाया जा सके।
यह घटना मोशी स्थित ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ संयंत्र के पास हुई, जहां कचरे के भारी दबाव के कारण यह इमारत अचानक गिर पड़ी। मलबे में करीब 18 लोग दबे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल ने घंटों की मेहनत के बाद सात पीड़ितों को मलबे से बाहर निकाला जबकि दो अन्यको मध्यरात्रि के बाद बचाया गया।
एनडीआरएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुबह एक मृत शरीर बरामद हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी भी सात से आठ लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं और इनकी स्थिति गंभीर है। मलबा हाथ से हटाया जा रहा है ताकि मशीनों द्वारा पैदा हो सकने वाली कंपनों से स्थिति और खराब न हो।
पिंपरी के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल हॉस्पिटल के डीन राजेंद्र वाबले ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद भावेश वाणी नामक व्यक्ति अस्पताल लाया गया था, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन को भी अलर्ट पर रख दिया है।
पुलिस उपायुक्त गणेश इंगले ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी ताकत से जारी है। बचाव कार्य में एनडीआरएफ, पुलिस, सेना, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन एकजुट होकर काम कर रहे हैं। साथ ही, पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम की ओर से भी प्रभावी सहयोग मिल रहा है।
एक अधिकारी के अनुसार, मलबे में फंसे लोगों में एंटनी लारा नामक कंपनी के कर्मचारी भी हैं, जो रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कार्यरत हैं और पिंपरी-चिंचवड़ में संचालित 14 मेगावाट बिजली संयंत्र से जुड़े हैं।
नगर निगम ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि शुरुआत में 23 लोग मलबे के नीचे दबे होने की आशंका थी, जिनमें पांच लोगों को तुरंत ही बचा लिया गया। बाद में बचाव अभियान ने गति पकड़ी और परिणामस्वरूप कुल नौ लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए, स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यह इमारत पुराने कचरे के बड़े ढेर के पास बनी थी, और भारी बारिश के कारण कचरे का ढेर अस्थिर हो गया जिसके चलते वह इमारत से टकराया और उसे ढहा दिया। नगर निगम आयुक्त विजय सूर्यवंशी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि भारी बारिश ने मलबे को ढीला कर इमारत को नुकसान पहुंचाया।
स्थानीय प्रशासन और बचाव दल घटना स्थल पर लगातार तैनात हैं और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। जिले में शोक की लहर फैल गई है और सभी फरियाद कर रहे हैं कि फंसे लोगों को जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए।
यह दुखद घटना पुनः सतर्क होने का संदेश देती है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा उपायों का पालन कितना आवश्यक होता है, खासकर ऐसे संवेदनशील और जोखिम वाले क्षेत्रों में। पिंपरी-चिंचवड़ प्रशासन ने आगामी जांच में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का आश्वासन दिया है।




