जम्मू से कड़ी सुरक्षा के बीच 4,600 से अधिक यात्रियों ने कश्मीर के अमरनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया

बनिहाल, जम्मू और कश्मीर
श्री अमरनाथ जी यात्रा-2026 के 16वें जत्थे के 4,640 श्रद्धालु शुक्रवार की सुबह भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुए, जहां पर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कठोर सुरक्षा व्यवस्था की। संयुक्त पुलिस कंट्रोल रूम (JPCR) के अनुसार, कुल 171 वाहनों में श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम में स्थित दो मुख्य शिविरों के लिए गए।
भगवती नगर से प्रस्थान करने वाले कुल यात्रियों में से 1,626 श्रद्धालु 66 वाहनों में बालटाल दिशा की ओर और 3,014 यात्री 105 वाहनों में पहलगाम दिशा की ओर बढ़े। बालटाल काफिला सुबह 2:42 बजे रवाना हुआ जबकि पहलगाम काफिला 3:11 बजे निकला।
इस जत्थे में 3,448 पुरुष, 1,075 महिलाएं, पांच बच्चे, 89 साधु और 23 साध्वियां शामिल थीं। किसी विदेशी यात्री या ट्रांसजेंडर श्रद्धालु का इस बार काफिले में हिस्सा नहीं था। काफिले में कुल 104 बसें, 25 माध्यमिक मोटर वाहन, 39 हल्के मोटर वाहन तथा तीन दोपहिया वाहन शामिल थे।
इस जत्थे के प्रस्थान के साथ ही इस वर्ष की यात्रा शुरू होने से लेकर अब तक जम्मू स्थित भगवती नगर बेस कैंप से कुल 109,128 श्रद्धालु अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हो चुके हैं।
साढ़े सात हफ्तों की इस वार्षिक यात्रा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें पुलिस, अर्धसैनिक बल और सिविल प्रशासन जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ अन्य मार्गों पर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से गुफा तक पहुंचाना है, जिससे वे अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन कर सकें। सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि इस वर्ष भी यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है, जो स्थानीय प्रशासन के प्रयासों की सफलता को दर्शाती है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने, साफ सफाई बनाए रखने और सामूहिक आयोजनों में सतर्क रहने की सलाह दी है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने साथ आवश्यक दस्तावेज और जरूरी सामान रखें ताकि यात्रा में किसी भी प्रकार की बाधा न हो।
इसके अलावा, यात्री बेहतर मौसम एवं रास्ते की कठिनाइयों को ध्यान में रखकर उचित तैयारी के साथ यात्रा करें। स्थानीय लोगों का सहयोग भी इस पवित्र यात्रा को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
इस प्रकार, जम्मू से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा पूरे कश्मीर में श्रद्धालुओं की भक्ति और आस्था का द्योतक बनती जा रही है, जो न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभदायक सिद्ध हो रही है।




