बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर के पास 96 करोड़ की संपत्ति, पत्नी के नाम 101.93 करोड़

बांकीपुर, बिहार। बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने नामांकन दाखिल कर दिया है। अपने चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी चल और अचल संपत्तियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है। हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर के पास कुल 96 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है जबकि उनकी पत्नी के नाम 101.93 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है।
सोमवार को पटना में पदयात्रा के बाद प्रशांत किशोर ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। वे इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। यह सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है और इस कारण यहां मुकाबला कड़ा होने की संभावना है।
चल और अचल संपत्ति का विवरण
चुनावी हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर की कुल संपत्ति लगभग 96 करोड़ रुपये है, जिसमें 22.19 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 73.87 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है।
उनकी पत्नी की कुल संपत्ति 101.93 करोड़ रुपये है, जिसमें 89.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 12.42 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति सम्मिलित है।
नकद राशि के संदर्भ में, प्रशांत किशोर के पास 65,570 रुपये नकद दर्ज हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 1,95,200 रुपये नकद की जानकारी है।
85 करोड़ का दान और कंपनी की हिस्सेदारी
हलफनामे में यह भी बताया गया है कि प्रशांत किशोर की स्वामित्व वाली एक निजी कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में जन सुराज पार्टी को 85 करोड़ रुपये और जन सुराज फाउंडेशन को 50 लाख रुपये का दान दिया है।
इस खुलासे के बाद राजनीतिक विश्लेषकों में पार्टी के वित्तीय संसाधन और फंडिंग पर चर्चा तेज हो गई है।
आठ आपराधिक मामले लंबित
हलफनामे में उल्लेख है कि प्रशांत किशोर के खिलाफ फिलहाल आठ आपराधिक मामले लंबित हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है और कोई सजा भी नहीं हुई है।
उम्मीदवारों के लिए चुनावी हलफनामे में लंबित मामलों का वर्णन देना आवश्यक होता है, इसीलिए यह जानकारी सार्वजनिक की गई है।
प्रशांत किशोर का राजनीतिक और जनस्वास्थ्य से सफर
रोहतास जिले के कोनार गांव में जन्मे प्रशांत किशोर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बक्सर में हासिल की। उनके पिता डॉ. श्रीकांत पांडेय चिकित्सक हैं और माँ सुशीला पांडेय गृहिणी।
राजनीति में आने से पहले वे संयुक्त राष्ट्र समर्थित जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े थे। वर्ष 2012 से उन्होंने चुनाव प्रचार रणनीतियों में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के अभियान में उनकी रणनीतिक भूमिका को महत्व दिया गया।
उनके नवाचारों में ‘चाय पर चर्चा’, 3D रैलियां, ‘रन फॉर यूनिटी’ और सोशल मीडिया अभियानों को सफल बनाना शामिल है।
मतदान और आगे का नजरिया
बांकीपुर उपचुनाव में 30 जुलाई को मतदान होगा और मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी। यह चुनाव बिहार की आगामी राजनीतिक दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



