जवाहरलाल नेहरू के दौर में भारत को विश्व स्तर पर मिला था अपार सम्मान: पप्पू यादव

पटना। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने हाल ही में प्रधानमंत्री Narendra मोदी के सबसे लंबे समय तक देश के प्रधानमंत्री बने रहने के संदर्भ में केंद्र सरकार की नीतियों और देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में संसाधन सीमित तथा बजट भी छोटा था, परंतु भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान प्राप्त था जो आज के समय में कहीं नज़र नहीं आता।
सांसद यादव ने विस्तार से बताया कि जब नेहरू सरकार देश चला रही थी तो आर्थिक संसाधन कम होने के बावजूद भारत की वैश्विक छवि मजबूत बन गई थी। इसके विपरीत आज बजट कई गुना बढ़ चुका है पर आम जनता की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। मध्यम वर्ग, नौकरी पेशा लोग और युवा वर्ग लगातार आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। उनकी आय और रोजगार की स्थिति देश की समग्र अर्थव्यवस्था के वर्तमान हालात को प्रतिबिंबित करती है।
पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि आतंकवाद, काला धन एवं बेरोजगारी के खिलाफ जितने वादे किए गए थे, उनमें अपेक्षित सफलता अब तक हासिल नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है, जो देश की सुरक्षा एवं विकास के लिए गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही, काले धन को वापस लाने की योजना भी केवल वादों तक सीमित रह गई है।
इसके अलावा, कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा सदस्यता नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर भी पप्पू यादव ने तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर चोट है और ऐसे मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक हो जाता है, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विपक्ष को इस लड़ाई को और तेज करने के लिए प्रेरित किया और सुप्रीम कोर्ट की मदद लेने का आह्वान किया।
पप्पू यादव ने बिहार सरकार के मंत्री निशांत कुमार को लेकर राजद नेताओं की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि तथ्यात्मक बातें कही गई हैं तो उन्हें विवादित बनाने का प्रयास न किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि डीजल व रसोई गैस की बढ़ती कीमतें, शिक्षा और रोजगार जैसे आम जन के वास्तविक मुद्दे ही ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। राजनीतिक दल और कुछ नेता इन मुद्दों से ध्यान हटाकर विवाद फैलाने में लगे हैं जो जनता के हित में नहीं है।


