उत्तराखंड का शिक्षा मॉडल बना मिसाल, छत्तीसगढ़ ने मांगा अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का ड्राफ्ट : शादाब शम्स

देहरादून, उत्तराखंड। उत्तराखंड के शिक्षा मॉडल ने देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने उत्तराखंड के अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का ड्राफ्ट मांगा है। इस पहल को लेकर उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने इसे राज्य की शिक्षा सुधार नीति की बड़ी उपलब्धि बताया है। उनके अनुसार, उत्तराखंड की शिक्षा प्रणाली अब देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
शादाब शम्स ने बताया कि उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे उपक्रम किए हैं जिन्हें न केवल राज्य के नागरिकों ने सराहा है बल्कि पूरे देश में उनकी व्यापक मान्यता भी मिली है। उन्होंने कहा कि जब भी उत्तराखंड से कोई नई शिक्षा संबंधी पहल निकलती है, उसे पूरे देश में सकारात्मक दृष्टि से देखा जाता है।
इसके आगे उन्होंने बताया कि उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर देश में ‘वन नेशन, वन लॉ’ की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है। इस नीति को राज्य के बाद गुजरात, असम, महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों ने भी अपनाना शुरू किया है, जो दर्शाता है कि उत्तराखंड देश में नीतिगत बदलावों का नेतृत्व कर रहा है।
शादाब शम्स ने विशेषकर मोदी-धामी सरकार की उस पहल की भी चर्चा की जिसमें मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होता है कि सभी विद्यार्थी उत्तराखंड शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे। यह ‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ की अवधारणा को मजबूत बनाने में मदद करता है और शिक्षा व्यवस्था में समानता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने का एक बड़ा कदम है।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की भी प्रशंसा की और कहा कि उत्तराखंड ने शिक्षा सुधार के क्षेत्र में ऐसी ठोस नींव रखी है, जिसका अनुसरण अन्य राज्यों द्वारा भी किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ड्राफ्ट माँगे जाने को उन्होंने इस बात का संकेत माना है कि राज्य भी इस मॉडल को लागू करने के लिए सजग है।
शादाब शम्स ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘पढ़ेगा भारत तो बढ़ेगा भारत’ की भावना के साथ लिया गया यह प्रयास देश के भविष्य को संवारने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों का प्रभाव विभिन्न राज्यों में दिखाई देने लगा है और उत्तराखंड का शिक्षा मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन चुका है।
अंत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘वन नेशन, वन लॉ’ के साथ-साथ ‘वन नेशन, वन एजुकेशन’ की दिशा में भी प्रगति कर रहा है। यह पहल शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता और गुणवत्ता लाने की दिशा में एक सशक्त, दूरदर्शी तथा सुविचारित कदम है जो विकसित भारत के निर्माण में सहायक होगी।




