Chattisgarh

भिलाई स्टील प्लांट से 250 टन स्क्रैप चोरी के मामले में मास्टरमाइंड सहित दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ पुलिस की दुर्ग इकाई ने मंगलवार को भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से 250 टन स्क्रैप चोरी के मामले में बड़ी सफलता हासिल कर मुख्य आरोपी संजय सिंह और उसके सहयोगी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने 7 दिनों की रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस की जांच में पता चला है कि संजय सिंह और उसके सहयोगी बीएसपी से चोर स्क्रैप का अवैध परिवहन फ्लू डस्ट के नाम पर कर रहे थे। इससे पहले पुलिस ने इस मामले में 8 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। साथ ही 250 टन लोहे की प्लेटें, बीम कटिंग सहित लगभग 3.22 करोड़ रुपए मूल्य का माल जब्त किया जा चुका है।

भिलाई पुलिस की विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश में दबिश देकर मुख्य आरोपी संजय सिंह को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू की है, जिससे और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।

पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे संजय सिंह और उसके बेटे अभय सिंह की गिरफ्तारी के लिए दस- दस हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। लगातार छापेमारी और तकनीकी निगरानी के चलते मुख्य आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली है, हालांकि उसके बेटे अभय सिंह की तलाश अब भी जारी है।

यह मामला बीएसपी में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं में से एक है, जिस पर छत्तीसगढ़ पुलिस गंभीरता से नजर बनाए हुए थी। अधिकारियों के अनुसार इस गिरोह ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था की चूक का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर स्क्रैप चोरी की योजना बनाई थी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही बाकी आरोपी भी पकड़ लिए जाएंगे और पूरी जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

भिलाई स्टील प्लांट प्रशासन ने भी इस मामले में पुलिस का सहयोग किया है और कहा है कि वे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करेंगे ताकि इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में न हों। स्थानीय जनता ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और कहा है कि इससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा।

इस घटना ने पुनः याद दिलाया है कि किसी भी औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था में चूक कितना बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। बीएसपी जैसी प्रतिष्ठित संस्था से इस प्रकार के चोरी के मामले प्रदेश की छवि को प्रभावित करते हैं, इसलिए इसे रोकने के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास जरूरी हैं।

अफसरों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद इस गिरोह के अन्य सदस्यों के समेत अब तक का पूरा नेटवर्क उजागर किया जाएगा ताकि इस तरह की चोरी की घटनाएं पूरी तरह समाप्त हो सकें।

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