महासमुंद पुलिस की बड़ी सफलता: अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर से 51 किलो गांजा बरामद, एक गिरफ्तार

रायपुर, छत्तीसगढ़। महासमुंद पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण कार्यवाही करते हुए भुवनेश्वर से कानपुर जा रहे एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से कुल 51 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 25 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस ने गांजा परिवहन के लिए उपयोग की गई कार, मोबाइल फोन सहित करीब 5 लाख 10 हजार रुपये की कीमती संपत्ति जब्त की है। गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश निवासी है, जिसकी पहचान आलोक कुमार चौहान (32 वर्ष) के रूप में हुई है। लगभग 30 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त करने में महासमुंद पुलिस को मिली ये सफलता भेजी गई सूचनाओं और तत्पर कार्रवाई का परिणाम है।
स्थानीय पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से एक वाहन अवैध मादक पदार्थ लेकर छत्तीसगढ़ की ओर आ रहा है। सूचना मिलने के बाद एनएच 53 रोड पर रेहटीखोल नाकाबंदी की गई। कुछ देर बाद एक मारुति सुजुकी कार आई, जिसे रोका गया। इस दौरान ड्राइवर के साथ वाहन में मौजूद दूसरा व्यक्ति कार से उतरकर जंगल की ओर भाग गया।
पुलिस ने कार चालक से पूछताछ की जिसमें उसने संजीव कुमार नामक फरार साथी की जानकारी दी। साथ ही कार की बीच वाली सीट पर रखे तीन प्लास्टिक बोरे में गांजा होने की पुष्टि हुई। आरोपी ने बताया कि वह इस गांजे को भुवनेश्वर से कानपुर तक ले जा रहा था।
गिरफ्तार आलोक कुमार चौहान मैनपुरी, उत्तर प्रदेश के नेगवा खिरिया थाना क्षेत्र के निवासी हैं। फरार संजीव कुमार दक्षिण पश्चिम दिल्ली के हरिजन बस्ती वेस्टसागरपुर का रहने वाला है, जिसकी तलाश जारी है।
महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई में कुल 51 किलो गांजा, एक कार जिसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपये है और एक मोबाइल जब्त किया गया है जो 10 हजार रुपये मूल्य का है। कुल जब्ती की गई संपत्ति का मूल्य लगभग 30 लाख 60 हजार रुपये है। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) से मिली निर्देशों के तहत महासमुंद पुलिस जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और परिवहन पर कड़ी नजर रखे हुए है। लगातार चेकिंग अभियान चलाकर पुलिस अवैध गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इस सफलता से प्रदेश में नशा विरोधी पुलिस रणनीति को बल मिला है और भविष्य में इस प्रकार की तस्करी को रोकने के लिए और कड़े प्रबंधों की उम्मीद जताई जा रही है।




