विद्याचरण शुक्ल की मूर्ति की उपेक्षा पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

रायपुर, छत्तीसगढ़। स्व. विद्याचरण शुक्ल चौक स्थित शहीदों के स्मारक और विद्याचरण शुक्ल की प्रतिमा की उपेक्षा को लेकर आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा स्मारकों और प्रतिमाओं के रखरखाव में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिसके चलते गौरवशाली महापुरुषों की यादें धूमिल हो रही हैं।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम की ओर से बनाई गई नामपट्टिका जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, उसे तिरंगे कपड़ों से ढककर साफ-सफाई का कार्य भी किया। कार्यकर्ताओं ने आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई और रंग-रोगन भी स्वयं किया, जिससे क्षेत्र का सौंदर्य बढ़ा।
प्रदर्शन देखकर जोन-4 के अधिकारी भी现场 पहुंचे और तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने नगर निगम प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि वे महापुरुषों का सम्मान नहीं कर सकते, तो कम से कम उनका अपमान करना बंद करें। उन्होंने कहा कि यदि ट्रिपल इंजन सरकार शहीदों और महापुरुषों की प्रतिमाओं की देखरेख नहीं कर पा रही, तो उन्हें जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए।
आज झीरम घाटी में शहीद विद्याचरण शुक्ल तथा अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की पुण्यतिथि पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था, जहां उनके बलिदान को याद किया गया।
श्रीकुमार ने आगे कहा कि रायपुर नगर निगम द्वारा शहर के चौक-चौराहों में शहीदों और महापुरुषों की प्रतीक प्रतिमाओं के रखरखाव के लिए बड़ी राशि खर्च की जाती है, किंतु यह धन सही दिशा में उपयोग नहीं हो रहा। नगर निगम की बदहाली पिछले 20-25 वर्षों में पहले कभी इस स्तर पर नहीं देखी गई।
किसी भी भ्रष्टाचार और उपेक्षा से मुक्त होकर यदि सरकार इन महापुरुषों का सम्मान नहीं कर पा रही है, तो कांग्रेस पार्टी स्वयं अपने संसाधनों से इन महान स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के सम्मान और रखरखाव का कार्य करेगी।
प्रदर्शन में वरिष्ठ नेता प्रमोद चौबे, डॉ. राकेश गुप्ता, एजाज ढेबर, कन्हैया अग्रवाल, रियाज अहमद, शिव श्याम शुक्ला, सुरेश उपाध्याय, शिरीष अवस्थी, सुंदर जोगी, जसवीर ढिल्लन, ओम श्रीवास, मुन्ना मिश्रा, ईश्वर चक्रधारी, विनोद सिंह सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।
यह प्रदर्शन शहीदों के स्मारकों के सम्मान और रखरखाव की मांग को लेकर एक मजबूत संदेश था कि बिना मेहनत के इतिहास का सम्मान नहीं हो सकता। कांग्रेस ने साफ तौर पर अपनी प्रतिबद्धता जताई कि वे शहीदों और महापुरुषों के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति हमेशा जागरूक रहेंगे।



