मध्य प्रदेश का मौसम 19 जुलाई से फिर बदलेगा, इंदौर-धार में हल्की बारिश, भोपाल-ग्वालियर में गर्मी बरकरार

इंदौर, मध्य प्रदेश। मानसून के सुस्त पड़ने और किसी भी मजबूत मौसम प्रणाली के सक्रिय न होने के कारण मध्य प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से भारी बारिश का दौर रुक सा गया है। इस वजह से राज्य के कई जिलों में न्यूनतम बारिश दर्ज की गई है, जिससे सूखे की स्थिति बढ़ती जा रही है, खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से मानसून फिर से सक्रिय होता दिखाई देगा, जिससे बारिश की गतिविधियाँ तेज होने की उम्मीद है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ शुरू होगा, जो बंगाल की खाड़ी में आने वाले निम्न-दबाव क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से होगा। 20 जुलाई के बाद प्रदेश में अच्छी बारिश होने की संभावना है। गुरुवार को 36 जिलों में वर्षा की संभावना जताई गई है, वहीं 19 जिलों में उमस और गर्मी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इंदौर-भोपाल के मौसम का हाल
- गुरुवार को इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की बारिश व तेज हवाओं का अनुमान है।
- मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में उमस और गर्मी अधिक रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में 1 जून से 15 जुलाई तक की बारिश के आंकड़े
राज्य में 1 जून से 15 जुलाई 2026 के बीच औसतन करीब 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्य औसत बारिश 10.6 इंच (270.3 मिलीमीटर) होती है, जबकि इस बार यह लगभग 9.5 इंच (241.8 मिलीमीटर) ही रिकॉर्ड की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 24 प्रतिशत कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 2 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में फिलहाल स्थिति ठीक है, परंतु जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के 35 जिले अभी भी सूखे के दुष्प्रभाव झेल रहे हैं। देवास में सामान्य बारिश से 102 प्रतिशत अधिक अर्थात 18 इंच वर्षा हुई है, जबकि अलीराजपुर में सामान्य से 74 प्रतिशत कम केवल सवा दो इंच बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनो में सक्रिय मानसून के कारण बारिश की बेहतर संभावनाएं बनी रह सकती हैं, जिससे सूखे का प्रकोप कम होगा और किसानों को राहत मिलेगी। लोगों को आगाह किया गया है कि मौसम में बदलाव के कारण तेज हवाओं और बारिश के दौरान सतर्क रहें।




