राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय जेल जा सकते हैं, विनय कटियार का दावा, पीएम मोदी से हुई चर्चा

अयोध्या, उत्तर प्रदेश। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर मामला सुर्खियों में है और राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने इस संदर्भ में दावा किया है कि उन्होंने इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बातचीत की है। कटियार के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर चढ़ावे में अनियमितता पाई गई है और जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विनय कटियार ने कहा कि प्रधानमंत्री से उनकी बातचीत में पीएम ने मामले के निपटारे के लिए कदम जानना चाहा। कटियार ने बताया कि जांच पूरी होते ही पूर्ण स्थिति का पता चलेगा और यदि आरोप सही साबित होते हैं तो ट्रस्ट के कुछ बड़े पदाधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की संभावना है। उन्होंने संकेत दिया कि चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा जैसे पदाधिकारी जेल भी जा सकते हैं।
SIT ने जांच की गति बढ़ाई, बैंक स्टाफ से पूछताछ जारी
वहीं, विशेष जांच टीम (SIT) ने मामले की जांच को और तेज कर दिया है। शुक्रवार को SIT की टीम राम जन्मभूमि परिसर पहुंचकर घटनास्थल की बारीकी से पड़ताल कर रही है। जांच के तहत बैंक कर्मियों से भी वित्तीय दस्तावेजों और नकदी जमा प्रक्रिया की विस्तृत पूछताछ की जा रही है। अधिकारी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि बैंकिंग संबंधी रिकॉर्ड की जांच के बाद ही अगले कदम तय किए जाएंगे।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों से लंबी पूछताछ, ऑडिट फाइलें जब्त
SIT ने पहले ही चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से कई घंटों तक पूछताछ की है। इस दौरान चढ़ावे के ऑडिट रिकॉर्ड, नकदी प्रबंधन की जानकारी और अन्य लेखा-जोखा की फाइलें जब्त की गईं। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में कई ऐसे सवाल बीच में थे जिनके जवाब जांच टीम को संतोषप्रद नहीं लगे, जिसके चलते जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। टीम पूरी वित्तीय लेन-देन की प्रक्रिया, उसके पहलुओं और जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
आपराधिक जांच जारी, कानूनी शिकंजा कसा जा सकता है
मामले में पुलिस की आपराधिक जांच भी धोखाधड़ी और आपराधिक षड़यंत्र की दृष्टि से जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि कथित चढ़ावा चोरी में किन लोगों की संलिप्तता थी और कहीं इसका संबंध व्यापक नेटवर्क से तो नहीं है। अधिकारी स्पष्ट कर रहे हैं कि यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच पूरी तरह से चल रही है और सभी जानकारियों को समेटने का प्रयास किया जा रहा है।
इस प्रकार राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों ही मोर्चों पर गरमाता जा रहा है। भविष्य में इससे जुड़े व्यक्तियों की स्थिति और स्पष्ट होगी।




