Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश सरकार से आग्रह: धार्मिक नहीं, जनता के मुद्दों पर केंद्रित हो प्रयास – राजेंद्र पाल गौतम

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा सरकार विकास के स्थान पर धार्मिक और सांप्रदायिक विषयों को प्राथमिकता दे रही है। उनका यह बयान राजनीतिक और सामाजिक मसलों पर बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है।

राजेंद्र पाल गौतम ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी पार्टी केवल हिंदू-मुस्लिम विवादों में उलझी हुई है। उन्हें शासन चलाने की समझ नहीं है। उनकी भाषा समाज को जोड़ने वाली नहीं, बल्कि फैलाने वाली है।” उन्होंने योगी सरकार की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि शासन के दौरान मंदिरों में चोरी की घटनाएं हुई हैं, जो आम जनता की आस्था को ठेस पहुंचाती हैं। उन्होंने पूछा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं।

गौतम ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकार कठोर पुलिस कार्रवाई को न्याय की जगह ले रही है, जबकि न्यायपालिका का सही सम्मान जरूरी है। उन्होंने कहा, “सख्ती से कानून-व्यवस्था नहीं सुधरती, बल्कि एक मजबूत न्याय प्रणाली से ही समाज में शांति कायम होती है।”

इसके अलावा, उन्होंने बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में विवाद तथा किसानों की समस्याओं को भी गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा रोजगार के अभाव में परेशान हैं और भर्ती परीक्षा विवादों से भरी रही हैं। किसान, मजदूर, दलित और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सरकार अपेक्षित नियंत्रण नहीं रख पा रही है।

राजेंद्र पाल गौतम ने जोर देकर कहा, “दलित उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे मुद्दों को उच्च प्राथमिकता देनी होगी। लेकिन दुर्भाग्य से धार्मिक मुद्दों को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है।” उन्होंने समाज के विविध पहलुओं में एकजुटता की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है। राजनीति का उद्देश्य विभाजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ना होना चाहिए।

इसके अतिरिक्त, रवाना हुई क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान प्रसारित हुए एडल्ट विज्ञापनों के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार से स्पष्ट नीति बनवाने की अपील की। उन्होंने कहा, “क्रिकेट परिवार समेत देखा जाता है जिसमें बच्चे भी शामिल हैं, ऐसे विज्ञापनों की उपयुक्तता पर विचार करना आवश्यक है। साथ ही समाज में एडल्ट एजुकेशन के महत्व को भी समझना होगा।”

कुल मिलाकर राजेंद्र पाल गौतम ने उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों पर कई गंभीर प्रश्न उठाए हैं और कहा कि धार्मिक विवादों की जगह जनसामान्य की दिक्कतों और विकास पर ध्यान देना चाहिए। यह बयान आगामी राजनीतिक विमर्श में अहम भूमिका निभा सकता है।

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