देश को मजबूत बनाने के लिए सभी धर्मों के लोगों को एकजुट होना जरूरी: अब्दुल बारी सिद्दीकी

पटना, बिहार। राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने हाल ही में पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, अयोध्या राम मंदिर प्रकरण तथा देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि देश को सशक्त एवं प्रगति की ओर ले जाने के लिए सभी समुदायों को एक साथ आकर काम करना आवश्यक है।
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने लालू प्रसाद यादव द्वारा बिहार सरकार की ओर से प्रदान किए जा रहे सुरक्षा इंतजामों को स्वीकार न करने के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की सुरक्षा के लिए पार्टी के समर्थक एवं कार्यकर्ता पर्याप्त हैं। उन्होंने बताया, “जब सरकार किसी व्यक्ति को निशाना बनाकर उसे अपमानित करने का प्रयास करती है, तब हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह निर्णय पूरी तरह से सही और समझदारी भरा है।” सिद्दीकी के अनुसार, वर्तमान माहौल में सुरक्षा के मायने केवल फौजदारी प्रबंधों तक सीमित नहीं रह जाते बल्कि सच्चे समर्थकों द्वारा दी गई सुरक्षा अहम होती है।
अयोध्या राम मंदिर विवाद के संदर्भ में जब कुछ संतों द्वारा हिंदू समुदाय को एकजुट होने की अपील की गई, तो सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि भारत एक विविधतापूर्ण देश है, जहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक साथ रहते हैं। उन्होंने कहा, “हमें केवल एक समुदाय के हितों को ध्यान में नहीं रखना चाहिए, बल्कि पूरे देश के नागरिकों को मिलकर राष्ट्र की भलाई एवं सामाजिक समरसता की दिशा में प्रयास करते रहना चाहिए। इस तरह ही देश मजबूत बनेगा।”
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सिद्दीकी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव मजबूत स्थिति में हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी पक्ष द्वारा चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया तो विपक्ष पूरी ताकत से उसका मुकाबला करेगा। सिद्दीकी के अनुसार, उत्तर प्रदेश की जनता लोकतंत्र का सम्मान करती है और वे चुनावी प्रक्रिया में अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझते हैं।
कांग्रेस के नेता के.सी. वेणुगोपाल द्वारा राम मंदिर मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दीकी ने केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार महंगाई, बेरोजगारी व आम जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए राजनीति में उन्माद फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, “सत्ताधारी दल के पास जनता के वास्तविक प्रश्नों पर चर्चा करने के लिए कुछ शेष नहीं रहा, इसलिए वे घृणा एवं द्वेष की राजनीति कर रहे हैं।”
वहीं, भगवान राम से जुड़ी आस्था की बात करते हुए उन्होंने कहा कि यदि देश के नेताओं ने भगवान राम के आदर्शों और मर्यादा को अपने व्यवहार में अपनाया होता तो देश के लिए एक सकारात्मक संदेश जाता।
राजद की राजनीतिक भूमिका पर बात करते हुए अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि उनकी पार्टी ने सत्ता और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। उन्होंने बताया कि राजद के नेताओं ने संघर्ष, आंदोलन व लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना सिखाया है। सिद्दीकी ने जोर देते हुए कहा, “लोकतंत्र में सत्ता या विपक्ष की भूमिका चाहे जो भी हो, राजनीतिक मर्यादा एवं संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करना जरूरी है, और यही भावना राजद अपनी हर गतिविधि में बनाए रखता है।”




