बेंगलुरु डेकेयर में मासूमों से क्रूरता का आरोप, खुलासा करने वाले कर्मचारी को नौकरी से निकाला

बेंगलुरु में कैपजेमिनी कैंपस के भीतर संचालित एक डेकेयर सेंटर से बच्चों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि सेंटर में कार्यरत कुछ केयरगिवर्स ने दो वर्ष तक के बच्चों के साथ क्रूरता की। मामले का खुलासा करने वाले कर्मचारी को भी नौकरी से निकाल दिए जाने का आरोप सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने पांच केयरगिवर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बच्चों के साथ लंबे समय से दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप सामने आए हैं। शिकायतों के मुताबिक, कुछ बच्चों को कथित तौर पर वॉशिंग मशीन के अंदर बंद किया गया और उन पर तेज पानी की बौछारें डाली गईं। यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला माना जाएगा।
घटना तब और चर्चा में आ गई जब यह आरोप लगा कि इस कथित दुर्व्यवहार की जानकारी प्रबंधन तक पहुंचाने वाले कर्मचारी को ही नौकरी से हटा दिया गया। हालांकि, इस संबंध में संबंधित संस्थान की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आंतरिक जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बाल संरक्षण विभाग सक्रिय हो गए हैं। अधिकारियों ने डेकेयर सेंटर का निरीक्षण किया और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों तथा कर्मचारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
बाल अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि डेकेयर सेंटरों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसे संस्थानों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति, नियमित निगरानी और शिकायत निवारण की प्रभावी व्यवस्था आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार को रोका जा सके।
पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और वीडियो की फोरेंसिक जांच सहित अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप कितने सही हैं और किन लोगों की जिम्मेदारी तय होगी।
फिलहाल यह मामला न्यायिक और प्रशासनिक जांच के अधीन है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


