पाकिस्तान में दो बड़े हादसे: नाव पलटने से 7 की मौत, ट्यूशन एकेडमी की छत गिरने से 14 बच्चों की गई जान

पाकिस्तान में दो अलग-अलग दर्दनाक हादसों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक पर्यटक नाव पलटने से एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई, जबकि पंजाब प्रांत के लाहौर में एक निजी ट्यूशन एकेडमी की छत गिरने से कम से कम 14 बच्चों की जान चली गई। दोनों घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।
पहली घटना उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कलाम में स्थित सैफुल्ला झील की है। जिला पुलिस अधिकारी के अनुसार, एक ही परिवार के आठ सदस्य नाव से झील की सैर कर रहे थे। इसी दौरान अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है।
घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक मौके पर पहुंचे। संयुक्त अभियान चलाकर सात शवों को झील से बाहर निकाल लिया गया। लापता व्यक्ति की तलाश देर रात तक जारी रही। प्रारंभिक जांच में हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रशासन ने नाव संचालकों से सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
दूसरा बड़ा हादसा पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर के काहना इलाके में हुआ। यहां एक निजी ट्यूशन एकेडमी की इमारत की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय कक्षा में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे। मलबे में दबने से कम से कम 14 बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक आशंका है कि भवन की संरचना कमजोर होने के कारण यह हादसा हुआ।
इन दोनों घटनाओं ने पाकिस्तान में सार्वजनिक सुरक्षा और भवन निर्माण मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हादसों की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है। स्थानीय नागरिकों ने भी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।




