Jammu and Kashmir

पैंजोंग झील और अन्य संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में अवैध ऑफ-रोडिंग के लिए 2 लाख रुपये का जुर्माना

कारगिल, लद्दाख: लद्दाख प्रशासन ने पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध ऑफ-रोडिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए चार पर्यटकों पर कुल 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 का उल्लंघन करने पर लगाया गया है।

लीफ्टिनेंट गवर्नर वी.के. सक्सेना के निर्देश पर वाइल्डलाइफ विभाग ने हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पंजाब और उत्तर प्रदेश से आए चार वाहन मालिकों प्रत्येक पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। ये लोग पैंजोंग झील तथा चांगथांग व नुब्रा के अन्य संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में गैरकानूनी रूप से वाहन चलाते पाए गए।

अधिकारियों ने बताया कि यह लद्दाख में पहली बार है जब पर्यटकों द्वारा संरक्षित क्षेत्रों के संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली अवैध ऑफ-रोडिंग के लिए इतनी कड़ी कार्रवाई की गई है। इन वाहनों को जांच के दौरान जब्त कर लिया गया था और जुर्माने की राशि मिलने के बाद ही इन्हें मुक्त किया गया।

लीफ्टिनेंट गवर्नर सक्सेना ने पर्यटकों से जिम्मेदारी दिखाने और संरक्षित वन्यजीव आवासों में जाने से बचने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे क्षेत्रों के आस-पास ऑफ-रोडिंग करना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। प्रशासन सतत रूप से नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगा ताकि लद्दाख के नाजुक पर्यावरण और संकटग्रस्त वन्यजीवों की रक्षा की जा सके।

इस कदम को पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल स्थानीय जैव विविधता को संरक्षित रखेगा बल्कि आने वाले पर्यटकों में पर्यावरण सुरक्षा जागरूकता भी बढ़ाएगा। अधिकारियों का मानना है कि लद्दाख के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए इस तरह के नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी है, क्योंकि यहां का पारिस्थितिक तंत्र बेहद नाजुक है।

स्थानीय वन विभाग के उच्चाधिकारी ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर तत्काल जुर्माना व कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पर्यटकों से अनुरोध है कि वे लद्दाख की सुंदरता का आनंद लें, लेकिन साथ ही प्रकृति और वन्यजीवों का सम्मान भी करें।

Source

Related Articles

Back to top button