संसद में गूंजेगा NEET आंदोलन का मुद्दा, छात्रों पर कार्रवाई और पेपर लीक को लेकर सरकार पर हमलावर होगा विपक्ष

नई दिल्ली, दिल्ली
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद और उससे जुड़े छात्र आंदोलन की गूंज सोमवार को संसद के दोनों सदनों में सुनाई देने की संभावना है। जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन समाप्त होने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी विपक्ष इस मुद्दे को खत्म मानने के पक्ष में नहीं है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल संसद के भीतर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुके हैं।
विपक्ष का आरोप है कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस कार्रवाई पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में हैं। विपक्ष का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के साथ हुए कथित व्यवहार की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन INDIA इस मुद्दे को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में प्रमुखता से उठाएगा। कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे मामले पर बयान देने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की मांग कर सकती है। विपक्ष का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों की सुरक्षा दोनों ही राष्ट्रीय महत्व के विषय हैं, इसलिए सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद सत्र से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दो प्रमुख सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित पैलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति किसने दी और सादे कपड़ों में मौजूद लोगों की भूमिका क्या थी, इस पर जवाब मांगा है। हालांकि इन आरोपों पर सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
उधर, सरकार भी संसद में पलटवार की तैयारी में है। सरकार सोमवार को ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ लोकसभा में पेश करने जा रही है। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसमें मामलों की तेजी से सुनवाई, दोषियों के खिलाफ कठोर दंड और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने जैसे प्रावधान शामिल किए जाने की तैयारी है।
सत्ता पक्ष का कहना है कि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठा रही है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून को और मजबूत बनाया जा रहा है। वहीं भाजपा के सांसद चर्चा के दौरान विपक्ष पर भी निशाना साध सकते हैं और पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान हुए पेपर लीक मामलों तथा अन्य मुद्दों का उल्लेख कर जवाब देने की रणनीति अपना सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में NEET विवाद प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना रह सकता है। एक ओर विपक्ष छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा, वहीं सरकार परीक्षा सुधारों और नए विधेयक के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश करेगी। ऐसे में सोमवार की संसदीय कार्यवाही के दौरान इस मुद्दे पर तीखी बहस और हंगामे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।




