आपातकाल के दौरान मेरे पिता 19 महीने भूमिगत रहे, याद करते हैं पी.वी.एन. माधव

Hyderabad, Telangana
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष ने हाल ही में अपने पिता द्वारा आपातकाल के दौरान 19 महीने भूमिगत रहने की बात याद की। यह स्मृति वाकया चौथी स्मृति व्याख्यान सभा के दौरान उनके 92वें जन्मदिन के अवसर पर साझा किया गया।
आपातकाल के समय, जो 1975 से 1977 तक चला, देश में राजनीतिक अस्थिरता और विभिन्न अधिकारों का हनन हुआ था। उस दौर में कई राजनेताओं और कार्यकर्ताओं को सरकार द्वारा दबाने के प्रयास किए गए। इसी संदर्भ में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने अपने पिता की जद्दोजहद और साहस की कहानी साझा की, जिन्होंने उस कठिन समय में भूमिगत रहकर अपने आदर्शों और राजनीतिक प्रतिबद्धता को बनाए रखा।
उन्होंने बताया कि 19 महीने की भूमिगत अवधि में उनके पिता ने न केवल सरकार के दमन का सामना किया, बल्कि अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए जनसंपर्क और आंदोलनों को समर्थन दिया। यह वक्त उनके परिवार के लिए भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, जिसमें सामाजिक और आर्थिक अस्थिरता के बीच एक मजबूत प्रेरणा बनी रही।
राजनीतिक विरोध के इस दौर को याद करते हुए प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं हमें लोकतंत्र की कीमत और स्वतंत्रता की महत्ता को समझाती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इतिहास से सीख लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें और देश की प्रगति में अपना योगदान दें।
चौथी स्मृति व्याख्यान सभा में कई गणमान्य जन उपस्थित थे, जिन्होंने आपातकाल के दौर और उसके प्रभावों पर विचार साझा किए। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल पिछले संघर्षों को याद रखना था, बल्कि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक संदेश देना भी था।
समारोह के अंत में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने अपने पिता के बलिदान को सलाम किया और कहा कि उनका संघर्ष हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने लोकतंत्र की स्थिरता और मजबूती के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक बताई।




