केरल में ‘प्रियदर्शिनी’ योजना शुरू, महिलाओं और ट्रांसजेंडर की रोडवेज बस में मुफ्त यात्रा

तिरुवनंतपुरम, केरल – कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ) सरकार ने सोमवार को अपने प्रमुख चुनावी वादे को पूरा करते हुए ‘प्रियदर्शिनी’ योजना की औपचारिक शुरुआत की। इस योजना के अंतर्गत राज्य भर की साधारण रोडवेज बसों में महिलाएं और ट्रांसजेंडर बिना किसी भाड़ा भुगतान के यात्रा कर सकेंगे।
कार्यक्रम थम्पानूर रोडवेज बस टर्मिनल पर आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने दीप प्रज्ज्वलित कर योजना का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से खासकर कामकाजी गरीब महिलाओं को काफी मदद मिलेगी, जो सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहती हैं। उन्होंने इस योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस मौके पर परिवहन मंत्री सी.पी. जॉन, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री केए तुलसी समेत वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। उद्घाटन समारोह के बाद मुख्यमंत्री एवं अन्य नेता महिलाओं के साथ थम्पानूर बस स्टॉप से सचिवालय तक रोडवेज बस में यात्रा भी की।
सुबह-सुबह पेरुमथुरा जाने वाली एक बस को गुब्बारों से सजाकर थम्पानूर बस टर्मिनल पर लाया गया, जिसे महिला कर्मचारियों ने चालक और टिकट विक्रेता का कार्यभार संभाला। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी इस योजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह सरकार की जनता से किए गए वादों को पूरा करने का प्रतीक है।
हालांकि, विपक्षी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इस योजना की आलोचना की है। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने अपनी घोषणा में कमी रखी है और मुफ्त यात्रा सुविधा को केवल साधारण रोडवेज सेवाओं तक सीमित कर दिया है, जो कि चुनावी वादे के अनुरूप नहीं है।
सरकार का दावा है कि यह योजना राज्य परिवहन निगम की सभी 3,125 साधारण बसों में लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य उन महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों की आर्थिक मदद करना है जो काम, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य दैनिक आवश्यकताओं के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं।
इस योजना से महिलाओं को न केवल सार्वजनिक परिवहन की लागत में राहत मिलेगी, बल्कि यह उनके सशक्तिकरण और स्वावलंबन की दिशा में भी एक बड़ी पहल मानी जा रही है। ‘प्रियदर्शिनी’ योजना के सफल क्रियान्वयन में सड़कों पर महिला सुरक्षा और सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
यह कदम केरल सरकार की महिलाओं एवं ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति संवेदनशीलता एवं समावेशिता को दर्शाता है, जो समाज के सभी वर्गों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
पीटीआई की सहायता से




