Madhya Pradesh

आपातकाल की वर्षगांठ पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र प्रहरियों को नमन, लोकतंत्र संरक्षण के लिए समर्पण का आह्वान किया

भोपाल, मध्यप्रदेश । 25 जून 1975 को देश में लगाए गए आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र के प्रहरियों को श्रद्धांजलि देते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की सबसे काली घटना बताया। सीएम ने कहा कि तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार के अहंकार ने देश पर आपातकाल थोपकर संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरा आघात पहुंचाया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों ने जो साहस और समर्पण दिखाया, उसके लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा। हम सबका कर्तव्य है कि लोकतंत्र की रक्षा और राष्ट्रीय सेवा के लिए लगातार प्रयासरत रहें।” उन्होंने इस अवसर पर सभी नागरिकों से लोकतंत्र के प्रति जागरूक और प्रतिबद्ध रहने की अपील भी की।

सीएम ने लोकतंत्र के सशक्तिकरण का संदेश दिया

सीएम मोहन यादव ने कहा, “25 जून 1975 को जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने संविधान की आत्मा को कुचलते हुए आपातकाल लगाया था, तब देश के लोकतंत्र पर गहरा संकट आया था। उस दौर की विभीषिका और लोकतंत्र की हत्या का यह कालखंड हमें सदैव सतर्क रहने की सीख देता है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्तमान सरकार द्वारा लोकतंत्र और संविधान के संरक्षण को सर्वोपरि घोषित किया। सीएम ने कहा कि नई पीढ़ी को लोकतंत्र की इस महत्ता को समझाते हुए उसे मजबूत बनाना होगा।

आपातकाल: लोकतंत्र की सबसे बड़ी चुनौती

25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अनुच्छेद 352 के तहत देश में आपातकाल घोषित किया था, जो 21 मार्च 1977 तक लागू रहा। इस अवधि में विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, और प्रेस पर सेंसरशिप लागू कर दी गई। नागरिक स्वतंत्रताओं पर बड़े स्तर पर प्रतिबंध लगाए गए। आपातकाल का यह इतिहास आज भी लोकतंत्र के महत्व और उसकी रक्षा हेतु सतर्क रहने का संदेश देता है।

सीएम मोहन यादव के संदेश और वह स्मरण करने वाली घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि लोकतंत्र केवल संविधान के संवैधानिक प्रावधान नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रक्रिया है जिसके संरक्षण के लिए हम सभी को जिम्मेदार होना होगा। लोकतंत्र की यह सुरक्षा तभी सुनिश्चित हो सकती है जब हम सभी इसके रक्षक बनें और अपनी जिम्मेदारियों को समझें।

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