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बड़ी खबर LIVE: जो पार्टी छोड़ना चाहते हैं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा, कानूनी लड़ाई शुरू- संजय राउत

नई दिल्ली, भारत – शिवसेना सांसद संजय राउत ने आज एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि पार्टी छोड़ने की इच्छा रखने वाले सांसदों को अनुमति नहीं दी जाएगी और इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू कर दी गई है। राउत ने बताया कि पार्टी के सभी सांसद अभी भी पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं और जो भी पार्टी छोड़ना चाहता है, वह पार्टी को नुकसान पहुंचाने की सोच रहा है।

संजय राउत ने कहा कि ‘‘हमने सांसदों को जिताने के लिए मेहनत की है और कार्यकर्ताओं का खून-पसीना इस काम में लगा है। सांसदों को जिताने में पार्टी ने हर संभव मदद की है। अब जो हमारे खिलाफ जा रहे हैं उनके लिए हमारे पास कानूनी रास्ते खुले हैं। हमने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।’’ उन्होंने इस कृत्य को नैतिक रूप से और राजनीतिक रूप से अनुचित बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन सांसदों के नाम चर्चा में आते हैं और जो एकनाथ शिंदे के साथ जाने की अफवाहें उड़ रही हैं, उन्हें खुद इस बात का खंडन करना चाहिए। राउत ने स्पष्ट किया कि जो ‘जाना चाहते हैं, वे इस्तीफा दें लेकिन बिना अनुमति पार्टी बिल्कुल छोड़ नहीं सकते।’ उन्होंने बताया कि 14 जून को हमारी पार्टी की बैठक हुई थी, जिसमें चार सांसद प्रत्यक्ष और बाकी ऑनलाइन जुड़े थे। सभी ने एकमत होकर कहा कि वे पार्टी के साथ हैं और इसे नहीं छोड़ेंगे।

इसी बीच, अरविंद सावंत ने भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पार्टी के प्रतिनिधित्व के लिए किसी बागी गुट को मान्यता न देने की अपील की है। सावंत ने कहा, ‘‘अब तक किसी भी नेता ने हमें यह नहीं बताया कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं।’’ उन्होंने स्वास्थ्यिपूर्ण और अनुशासित तरीके से पार्टी के अंदरूनी मामलों को सुलझाने पर जोर दिया।

शिवसेना के नेताओं के इस कड़े रुख के बीच राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आगामी 18 जून को दिल्ली में पार्टी के संसद दल की महत्वपूर्ण बैठक होगी जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।

इस बीच विपक्षी दलों में भी इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा चल रही है और राजनीतिक हलकों में इसे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों का संकेत माना जा रहा है।

निष्कर्षतः, संजय राउत के बयान से पार्टी के भीतर विद्रोह के प्रयासों को रोकने की कोशिश स्पष्ट दिख रही है और कानूनी लड़ाई के जरिए पार्टी की एकजुटता बनाए रखने का प्रयास जारी है।

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