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ट्रम्प ने कहा ‘मुझे मुद्रास्फीति से मोहब्बत है’ जब अमेरिका की कीमतें तीन वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ीं

वॉशिंगटन, यूएसए

अमेरिका में मूल्य स्तरों में तेजी से वृद्धि के बीच, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने विवादित बयान दिया कि उन्हें मुद्रास्फीति से ‘मोहब्बत’ है। ट्रम्प के इस बयान ने आर्थिक विश्लेषकों और जनता के बीच बहस छेड़ दी है, क्योंकि मौजूदा मुद्रास्फीति दर तीन वर्षों में सबसे अधिक दर्ज की गई है।

ट्रम्प ने बाद में स्पष्ट किया कि उनका तात्पर्य यह था कि वह खुश हैं कि मुद्रास्फीति और अधिक नहीं बढ़ी है, न कि उन्होंने वास्तविक रूप से बढ़ती मुद्रास्फीति को सराहा। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “मैंने जो कहा, उससे मेरा आशय यह था कि यदि मुद्रास्फीति अभी की तुलना में ज्यादा होती, तो हमारी आर्थिक स्थिति और खराब होती।”

मुद्रास्फीति दर मई 2024 में 4.7 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे तेज गति से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में वृद्धि दर्शाती है। खाद्य, ईंधन और आवास की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी अमेरिकी परिवारों की जेब पर भारी पड़ रही है।

विश्लेषकों का कहना है कि मुद्रास्फीति की इस तेजी से बढ़ोतरी के कई कारण हैं, जिनमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की बाधाएं, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा हाल के सरकारी नीति निर्णय शामिल हैं। हालांकि, कुछ अर्थशास्त्री ट्रम्प के बयान की आलोचना करते हैं कि इससे असंवेदनशीलता और आर्थिक परेशानियों को हल्के में लेने का संदेश जा सकता है।

सरकार और केंद्रीय बैंक की नीतियां मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रित हैं। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में वृद्धि की घोषणा की है ताकि मांग को ठंडा किया जा सके और कीमतों में वृद्धि की गति को धीमा किया जा सके।

ट्रम्प के समर्थकों का तर्क है कि पूर्व राष्ट्रपति ने केवल राजनीतिक भाषा में बात की और वास्तविक आर्थिक चुनौतियों को समझा है। इसके विपरीत, विपक्षी दलों का कहना है कि बढ़ती महंगाई से आम लोग प्रभावित हो रहे हैं और ऐसे वक्तव्य लोगों के लिए उचित नहीं हैं।

इस विवादित बयान के बीच, अमेरिकी जनता की निगाहें आगामी आर्थिक आंकड़ों और नीतिगत कदमों पर टिकी हैं ताकि यह पता चले कि मुद्रास्फीति की वर्तमान स्थिति में सुधार हो पाएगा या नहीं।

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