ट्रम्प ने यूरोपीय देशों पर तकनीकी कर को लेकर 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी

वॉशिंगटन, अमेरिका – अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई यूरोपीय देशों द्वारा तकनीकी कर के मामले में योजना बनाने को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। राष्ट्रपति ने कहा है कि अगर ये देश इस योजना को लागू करते हैं, तो अमेरिका 100% टैरिफ लगा सकता है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने हाल ही में बयान जारी करते हुए बताया कि “कई यूरोपीय देश तकनीकी कंपनियों पर लागू होने वाले कर को लेकर चर्चा कर रहे हैं।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह कदम अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए अनुचित माना जाएगा और इसके जवाब में अमेरिका कड़ा रुख अपनाएगा।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब यूरोप के कई देशों में डिजिटल सेवा कर को स्थापित करने की योजनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। फ्रांस, इटली, स्पेन और ब्रिटेन सहित कुछ देशों ने पहले ही इस प्रकार के कर लगाने की पहल की है, जो बड़ी तकनीकी कंपनियों को प्रभावित करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद अमेरिकी और यूरोपीय व्यापारिक संबंधों में नए तनाव पैदा कर सकता है। तकनीकी कर को लागू करने का तर्क यह है कि डिजिटल कंपनियां स्थानीय स्तर पर राजस्व उत्पन्न कर रही हैं, लेकिन पारंपरिक टैक्स नियमों का पालन नहीं करतीं।
एक अमेरिकी अधिकारी ने इस संदर्भ में कहा, “यह तकनीकी कर अस्थिरता पैदा कर सकता है और वैश्विक व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।” वहीं, यूरोपीय पक्ष का तर्क है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए नए नियम बनना जरूरी हैं, ताकि सभी क्षेत्रों में समान कराधान सुनिश्चित हो सके।
ट्रम्प प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर यूरोपियन यूनियन ने इस कर को लागू किया, तो अमेरिका मुख्य रूप से उन सभी देशों से आयातित सामानों पर भारी टैरिफ लगाने की तैयारी करेगा। यह कदम दोनों पक्षों के लिए जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि इससे व्यापार युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
इस तनाव के बावजूद, दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और आर्थिक विशेषज्ञ आशा जताते हैं कि किसी विवाद के बिना सहमति बनाए जाने की संभावना बनी रहेगी। यह देखा जाना बाकी है कि आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और अंततः ऐसी नीतियां कैसे आकार लेती हैं जो वैश्विक आर्थिक संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं।


