ट्रम्प ने कहा ‘मुझे महंगाई पसंद है’ क्योंकि अमेरिका में तीन साल में सबसे तेज़ महंगाई दर बढ़ी

वॉशिंगटन, यूएसए – अमेरिका में महंगाई की दर तीन साल में सबसे तेजी से बढ़ी है, वहीं पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें महंगाई पसंद है। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आशय यह था कि महंगाई इससे भी अधिक नहीं बढ़ी है, जो काफी हद तक अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरा है।
ट्रम्प के इस बयान ने अमेरिकी आर्थिक परिदृश्य पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है। महंगाई की बढ़ती दर ने आम लोगों के जीवन स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है, जिससे खाद्य, ऊर्जा और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। हालांकि, ट्रम्प का यह कहना कि उन्हें महंगाई पसंद है, कई लोगों के लिए समझ से परे था।
उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “मैं वास्तव में महंगाई को पसंद करता हूँ क्योंकि यह और अधिक ऊंची नहीं हुई है। अर्थव्यवस्था ने संकट के बावजूद स्थिरता दिखायी है।” ट्रम्प ने यह भी कहा कि सरकार की नीतियां महंगाई को नियंत्रित करने में मदद कर रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई में यह तेजी कई कारणों से हुई है, जिनमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधा, ऊर्जा कीमतों में उछाल, और मांग में बढ़ोतरी शामिल हैं। अमेरिका की फेडरल रिजर्व पहले ही ब्याज दरें बढ़ाकर महंगाई से निपटने की कोशिश कर रहा है।
जनता के बीच महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है, क्योंकि वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए अधिक धन खर्च कर रहे हैं। ऐसे माहौल में ट्रम्प जैसे पूर्व राष्ट्रपति का विवादास्पद बयान आलोचना का कारण बना है। कई अर्थशास्त्रियों ने सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर ट्रम्प की इस टिप्पणी को महंगाई की गंभीरता को नकारने वाला बताया है।
संक्षेप में कहा जाए तो अमेरिका में महंगाई दर तेजी से बढ़ी है, जो आर्थिक सुधारों और नीतिगत बदलावों की आवश्यकता को दर्शाता है। ट्रम्प के बयान ने हालांकि आर्थिक मंदी के एक दूसरे पहलू को उजागर किया है, परन्तु इसकी व्यावहारिकता और समय पर उपयुक्तता पर सवाल खड़े होते हैं।
यह देखना रोचक होगा कि आने वाले महीनों में अमेरिकी सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कौन से कदम उठाती है और आम जनता की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है या नहीं।



