उत्तर प्रदेश में पुलिस ने कानपुर से 10 करोड़ रुपये के 6 क्विंटल गांजे का किया भंडाफोड़

कानपुर, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के कानपुर में नशीले पदार्थों के खिलाफ एक संयुक्त पुलिस अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की गई है। क्राइम ब्रांच और वेस्ट जोन पुलिस ने एक ट्रक से लगभग छह क्विंटल गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर इस ट्रक को रोका था, जिसके बाद तलाशी में गांजे की भारी खेप बरामद हुई। इस संदिग्ध ट्रक का उपयोग कथित तौर पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ड्रग्स की तस्करी और वितरण के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने गांजे के साथ-साथ तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कई आरोपितों को भी गिरफ्तार किया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह खेप कानपुर समेत आसपास के कई जिलों में भेजी जानी थी। पुलिस के लिए यह कार्रवाई नशीले पदार्थों की तस्करी और उसके वितरण को रोकने में एक बड़ी सफलता है। वर्तमान में जांच एजेंसी सप्लाई चेन की गहन जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और गांजे के स्रोत का पता लगाया जा सके।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि बरामद गांजा एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा था, जो प्रदेशभर में नशीले पदार्थों की तस्करी में संलग्न था। इस गिरफ्तारी से राज्य में ड्रग्स के खिलाफ सुरक्षा बलों की मुहिम को मजबूती मिली है।
यह कार्रवाई राज्य में चल रहे ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत की गई है, जिसमें नशे के खिलाफ कानूनी अस्थिरता को समाप्त करने के उद्देश्य से लगातार दबिश दी जा रही है। इसी अभियान के तहत कुछ ही दिनों पहले देवरिया जिले में भी 406 किलो से अधिक गांजा जब्त किया गया था और चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था।
इसके साथ ही कानपुर में भी हंडिया पुलिस और नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक ईंट भूखे पर बड़ी मात्रा में गांजा नष्ट किया था, जिसका मूल्य लगभग 6.5 करोड़ रुपये बताया गया था।
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुसार राज्य में नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है। अधिकारियों ने कहा कि तस्करी के इस नेटवर्क को समाप्त करना और असली आपरेशनल हेड्स की पहचान करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है ताकि प्रदेश को नशे मुक्त बनाया जा सके।
इस सफल ऑपरेशन से जनता में औद्योगिक व आर्थिक अपराधों के खिलाफ सुरक्षा बलों की तत्परता और प्रभावशीलता को लेकर विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे नशे की तस्करी एवं व्यापार की सूचना पुलिस को उपलब्ध कराएं ताकि अभियानों को और प्रभावशाली बनाया जा सके।


