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हकीकत जानने के लिए आम जनता के बीच जाएं, उज्ज्वला योजना में सब्सिडी कटौती पर मनोज झा ने केंद्र सरकार को दिया सुझाव

नई दिल्ली, भारत – राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद मनोज झा ने उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर सब्सिडी की संख्या में हो रही कटौती को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार को सलाह दी कि वे आम जनता के बीच जाकर वास्तविक स्थिति को समझें क्योंकि जनता की आजादी और भलाई के मुद्दे पर उन्हें खुद ही सच्चाई का सामना करना पड़ेगा।

मनोज झा ने बताया कि उज्ज्वला योजना की शुरुआत में वर्ष में प्रत्येक परिवार को 12 गैस सिलेंडर सब्सिडी के तहत मिलते थे। बाद में इस संख्या को घटाकर 9 कर दिया गया और वर्तमान में केवल 4 सिलेंडर सालाना देने का प्रावधान रखा गया है। इस तरह से सब्सिडी में लगातार कटौती हो रही है, जिससे मध्यम व निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा, “सरकार ने इस योजना की जो मूल भावना थी, वह अब धूमिल हो चुकी है। यह साफ जाहिर करता है कि केंद्र सरकार जनता के हितों को नजरअंदाज कर रही है। सरकार की नीतियां मध्यम वर्ग के लिए चिंता का विषय हैं क्योंकि इससे उनके जीवन पर गहरा असर पड़ रहा है। मीडिया में भी सरकार के पक्ष में एक प्रकार का इकोसिस्टम बन गया है, जिससे वास्तविक समस्याएं लोगों तक नहीं पहुंच पातीं।”

मनोज झा ने कहा कि आज के समय में देश की स्थिति इतनी संजीदा है कि मध्यम वर्ग के लोगों को अपनी आवश्यकताओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। “मेरा सभी नेताओं से अनुरोध है कि वे आम जनता के बीच जाकर उनका दर्द समझें और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए उचित कदम उठाएं। केवल सरकार के दफ्तरों में बैठकर नीति बनाना ही पर्याप्त नहीं है।”

इसी के साथ उन्होंने हाल ही हुई इंडिया ब्लॉक की बैठक को काफी सार्थक बताया। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी पक्षों ने खुलकर अपनी बात रखी और इससे गठबंधन में सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद है। कांग्रेस समेत कई दलों ने भी इस गठबंधन के प्रति आश्वासन दिया है। मनोज झा ने बताया कि भविष्य में सभी दल मिलकर जनता के हित में कार्य करेंगे और बेहतर समन्वय बनाकर देश की प्रगति को सुनिश्चित करेंगे।

यह बयान ऐसे समय आया है जब उज्ज्वला योजना को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहसें जारी हैं और जनता में भी इससे जुड़ी विभिन्न चिंताएं उभर रही हैं। यह योजना मुख्यतः गरीब और वंचित परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के लिए चलाई गई थी, लेकिन सब्सिडी में कटौती से उसकी पहुँच पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।

मनोज झा की यह अपील केंद्र सरकार के लिए एक चुनौती भी है कि वह नीतियों में संशोधन कर गरीब परिवारों को राहत प्रदान करे और योजना को उसकी मूल भावना के अनुरूप बनाए रखे। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आम जनता के हितों को प्राथमिकता दे और उनके जीवन में सुधार के लिए निरंतर प्रयास करता रहे।

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