हकीकत जानने के लिए आम लोगों के बीच जाइए: मनोज झा ने उज्ज्वला योजना में सब्सिडी कटौती पर केंद्र सरकार को दी सलाह

नई दिल्ली, भारत – राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ सांसद मनोज झा ने हाल ही में उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी कटौती को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को आम लोगों के बीच जाकर उनकी वास्तविक परेशानियों को समझना चाहिए। मनोज झा ने बताया कि उज्जवला योजना के तहत पहले जहां 12 गैस सिलेंडर्स पर सब्सिडी मिलती थी, वह संख्या अब घटाकर सिर्फ चार कर दी गई है।
मनोज झा के अनुसार, यह स्थिति साफ दिखाती है कि सरकार जनता के हितों से दूर हो चुकी है। उन्होंने कहा, “यह सरकार अब पूरी तरह से विलीन हो चुकी है, जिसका आमजन से कोई सरोकार नहीं है। साल दर साल उज्जवला योजना की सब्सिडी में कटौती हो रही है, लेकिन मीडिया इस पर खुलकर बात नहीं करता। मीडिया के एक हिस्से के ऊपर जिम्मेदारी बनती है कि वह सच को सामने लाए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।”
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग के लोग इस कटौती से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। मनोज झा ने कहा, “हम भूल रहे हैं कि आमजन की स्थिति क्या है; उनके घरों में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से उनकी जीवनशैली प्रभावित हो रही है। मेरा सुझाव है कि सरकार को सीधे आम लोगों से संवाद स्थापित करना चाहिए ताकि वे उनकी बातों को समझ सकें।”
इसके अलावा, मनोज झा ने इंडिया ब्लॉक की हालिया बैठक को सार्थक बताते हुए कहा कि इस बैठक में सभी दलों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों ने आने वाले समय में सहयोग को मजबूत करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, “इंडिया ब्लॉक में सभी मुद्दों पर खुले दिल से बातचीत हुई है और हम भविष्य में जनहित के लिए साझा रणनीतियाँ बनाएंगे।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उज्ज्वला योजना में सब्सिडी कम होने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक दशा और कठिन हो जाएगी। सरकार की यह नीति विवादित है और विपक्ष द्वारा इसे लगातार निशाना बनाया जा रहा है। आम जनता की राय जानने के लिए तरह-तरह के सर्वे और रिपोर्ट भी सामने आ रही हैं, जो इस मुद्दे पर सरकार के साथ विरोधाभास दर्शाती हैं।
इस पर मनोज झा का स्पष्ट मानना है कि सरकार को चाहिए कि वह आम जन की समस्या को समझे और योजनाओं को भ्रष्टाचार एवं अन्य बाधाओं से मुक्त कर युवाओं और महिलाओं तक इसका लाभ पहुंचाए। वर्तमान समय में देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए इस योजना में सब्सिडी की कटौती से घरेलू गैस की उपलब्धता और सस्ती कीमत पर मिलना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
अंत में मनोज झा ने कहा, “सरकार को चाहिए कि वह जनता के बीच जाकर उनकी बात सुने, तभी वह सही मायनों में नीतियाँ बना पाएगी जो सभी को लाभ पहुंचाएं। उज्ज्वला योजना जैसी जन-कल्याणकारी योजनाओं को केवल कागज पर नहीं बल्कि हकीकत में सफल बनाया जाना चाहिए।”


