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बड़ी खबर LIVE: तमिलनाडु के करूर में निजी बस बॉडी-बिल्डिंग कंपनी में भीषण आग, 3 बसें जलकर खाक

करूर, तमिलनाडु: तमिलनाडु के करूर जिले में करुप्पमपालयम स्थित एक निजी बस बॉडी-बिल्डिंग कंपनी में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। राष्ट्रीय राजमार्ग करूर-कोयंबटूर पर यह घटना बुधवार की सुबह हुई, जिसमें तीन बसें जलकर खाक हो गईं और बड़ी मात्रा में बस निर्माण सामग्री भी तबाह हो गई।

स्थानीय अधिकारियों और दमकल विभाग के अनुसार, सेंथिल कुमार की मालिकाना वाली इस कंपनी में सुबह अचानक आग लग गई। तुरंत सूचना मिलने पर दमकल विभाग की तीन गाड़ियां और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास करने लगे। करीब तीन घंटे तक जारी मशक्कत के बाद उन्होंने आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक तीन बसें पूरी तरह जल चुकी थीं और निर्माण सामग्री एवं उपकरण भी भारी नुकसान झेल चुके थे।

इस हादसे में किसी के घायल होने या मौत की कोई सूचना नहीं है। पुलिस और दमकल विभाग की टीम आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या उपकरण संबंधी तकनीकी खराबी को आग लगने का कारण माना जा रहा है, लेकिन अभी अधिकारी पुष्टि कर रहे हैं।

स्थानीय लोग और कर्मचारी इस आग को देखकर हैरान और चिंतित हैं, क्योंकि इस कंपनी में लगातार कई बसों का निर्माण और मरम्मत काम होता है। आग लगने के कारण कंपनी को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। इलाके में धुआं और राख का गुबार छा गया था, जिससे आसपास के इलाकों में भी असुविधा महसूस की गई।

दमकल विभाग ने आग बुझाने के लिए समय पर पहुंचकर और कुशलता से कार्य करके बड़ी दुर्घटना टालने में सफलता पाई। अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि सभी औद्योगिक और व्यवसायिक संस्थान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करें ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

यह आग दुर्घटना तमिलनाडु के व्यवसायिक क्षेत्र और परिवहन सेवा को भी प्रभावित कर सकती है, क्योंकि बस निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और तीन बसें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। फिलहाल कंपनी में उत्पादन कार्य बाधित है और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

करूर पुलिस भी मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी। स्थानीय प्रशासन प्रभावित कर्मचाराओं और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता मुहैया कराने के लिए तत्पर है।

इस घटना से क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत महसूस हो रही है ताकि इस तरह की आपदाओं से बचा जा सके और व्यवसायिक गतिविधियां निरंतर चलती रहें।

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