Uttar Pradesh

राम मंदिर चंदा घोटाले पर मौन साधे सीएम योगी, 2027 में भाजपा को भुगतनी पड़ सकती है ऐतिहासिक हार: अवधेश प्रसाद

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हनुमानगढ़ी में नमाज, राम मंदिर चंदा और समाजवादी पार्टी को लेकर हाल ही में दिए गए बयानों पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री योगी विकास और जनहित के मामलों से ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक मुद्दों का उपयोग कर रहे हैं। खासकर राम मंदिर के चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं के सवालों पर वे पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।

अवधेश प्रसाद ने कहा कि सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी विधानसभा क्षेत्र में मुलाकात हुई, जहां उन्होंने सात बार विधायक चुने जाने के साथ ही पांच बार मंत्री पद भी संभाला है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में राम मंदिर में चढ़ावे, दान, सोना-चांदी, नकदी और जमीन से जुड़े भ्रष्टाचार की चर्चा जोर-शोर से हो रही है, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। यह मौन उनकी दबाव में होने का संकेत है।

सपा सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि योगी सरकार किसानों को खाद की कमी, युवाओं के पेपर लीक्स, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और सड़क जैसी समस्याओं पर भी ध्यान नहीं दे रही। धान की रोपाई का समय है, लेकिन खाद की किल्लत किसानों को प्रभावित कर रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं जबकि महंगाई और घरेलू गैस सिलेंडर की दरों में लगातार वृद्धि हो रही है। आम जनता लगातार इससे परेशान है लेकिन सरकार चुप्पी बनाए हुए है। उनका कहना था कि भाजपा पार्टी के पास अब कोई नया मुद्दा नहीं बचा है, जिससे वह पुराने विवादों को दोबारा घुमाकर अपने लिए माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।

अवधेश प्रसाद ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा की गिरती लोकप्रियता और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बढ़ती सक्रियता से बेहद चिंतित हैं। चुनाव के नजदीक आने पर भाजपा को और अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

राम मंदिर चढ़ावे के मामले में चल रही एसआईटी जांच पर भी अवधेश प्रसाद ने भरोसा जताने से इंकार किया और कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष नहीं हो रही है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। साथ ही उन्होंने प्रस्ताव रखा कि जांच पूरी होने तक राम मंदिर ट्रस्ट को भंग कर दिया जाए तथा ट्रस्ट के सदस्य जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने से रोके जाएं।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘सनातन ही समाजवाद है’ वाले बयान का समर्थन करते हुए अवधेश प्रसाद ने कहा कि भाजपा के पास अब कोई बड़ा राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव की बात केवल भाषण तक सीमित नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक व्यवहार में भी साफ नजर आती है। समाजवादी विचारधारा और उसका आचरण एक-दूसरे के अनुरूप हैं, जबकि भाजपा का व्यवहार उसके दावों से मेल नहीं खाता।

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती के कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर किए गए हालिया हमलों पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि मायावती स्वतंत्र आवाज़ नहीं हैं और उन्हें बाहरी दबावों में काम करना पड़ रहा है। उनके बयान उनकी अपनी अंतरात्मा की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि किसी अन्य प्रभाव का परिणाम हैं, जिसे वे सार्वजनिक कर रही हैं।

इस प्रकार राजनीतिक दलों के बीच तीखा संघर्ष जारी है और आने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सियासत और अधिक दिलचस्प होने वाली है। राम मंदिर चढ़ावे के विवाद और जनहित के सवाल प्रदेश के आम लोगों के बीच भी लंबे समय तक चर्चा का विषय बने रहेंगे।

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