Chattisgarh

छत्तीसगढ़: माओवादियों को बड़ा झटका, पुलिस ने भारी हथियार और विस्फोटक जब्त किए

रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में रविवार को माओवाद विरोधी ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने तोडमा गांव के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक जब्त किए हैं। यह ऑपरेशन बारसूर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में किया गया, जहां हाल ही में सरेंडर करने वाले माओवादियों से मिली पक्की जानकारी पर कार्रवाई हुई।

सुरक्षा बलों ने इस दौरान लगभग 18 लाख रुपए कीमत के हथियार, गोलाबारूद, नकद और सोने के बिस्किट बरामद किए। बरामदगी में 116 ग्राम का सोने का बिस्किट शामिल था, जिसकी कीमत लगभग 16 लाख रुपए बताई गई है, साथ ही लगभग 2 लाख रुपए नकद भी जब्त हुआ है।

यह सफलता दंतेवाड़ा पुलिस और संयुक्त सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह संयुक्त खोज अभियान बस्तर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) बद्री नारायण मीणा की देखरेख में संचालित किया गया। ऑपरेशन के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारी राकेश चौधरी और दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव राय भी शामिल थे।

टीम ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए हैं, जिनमें एक इंसास राइफल 16 मैगजीन के साथ, चार एके-47 मैगजीन 68 राउंड के साथ, 23 एसएलआर मैगजीन 34 राउंड के साथ, पांच 12-बोर बंदूकें सात राउंड सहित, तीन बीजीएल लॉन्चर एक शेल के साथ शामिल हैं। इसके अलावा दो कार्बाइन मैगजीन और विभिन्न प्रकार के गोला-बारूद भी जब्त किए गए हैं जिनमें .303 राउंड, चार्जर एवं 8एमएम कारतूस शामिल हैं।

सुरक्षा बलों ने एक रिवॉल्वर, एक एयर गन, दस खराब मजल-लोडिंग बंदूकें और कई प्रकार के बम भी पकड़े हैं जिनमें 122 एरो बम, छह टिफिन बम, चार पाइप बम, देसी ग्रेनेड और मोर्टार भी शामिल हैं। साथ ही 20 डेटोनेटर, कॉर्डेक्स तार का एक बंडल, 14 प्रेशर कुकर और जिलेटिन से भरा एक स्टील का कंटेनर भी बरामद हुआ है।

बरामद अन्य सामग्री में माओवादी यूनिफॉर्म का कपड़ा, दवाइयां, पर्चे और रोजमर्रा उपयोग की चीजें शामिल हैं। माना जा रहा है कि इनका उपयोग माओवादी समूह अपने गतिविधियों में करते थे।

जंगल के कई छिपे हुए स्थलों पर रखे गए ये हथियार और विस्फोटक माओवादियों के हिंसक कृत्यों को अंजाम देने तथा सुरक्षा बलों पर हमले करने के उद्देश्य से जमा किए गए थे।

अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति की प्रभावशीलता का प्रमाण बताया है। इस सफलता की जानकारी उन माओवादियों से मिली जो हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में आए हैं, जिससे क्षेत्र में शांति की संभावना बढ़ी है।

यह बरामदगी संभावित बड़े हमलों को रोकने में महत्वपूर्ण साबित हुई है, जिससे स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। दंतेवाड़ा पुलिस ने बाकी माओवादियों से अपील की है कि वे हथियार डालकर हिंसा से दूरी बनाएं, सरेंडर करें और समाज के सामान्य जीवन में लौट आएं। साथ ही स्थानीय लोगों से भी शांति और विकास के प्रयासों में सहयोग करने का अनुरोध किया गया है।

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