बिहार में पेंशन क्रांति: हर महीने ₹1,100 सीधे 97.84 लाख खातों में जमा

पटना, बिहार। बिहार सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत एक बड़े ऐलान के साथ जीवन के विभिन्न शोषित वर्गों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में बताया कि इस सरकार ने वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं के लिए पेंशन राशि का भुगतान अब हर माह की 10 तारीख को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में जमा करने का निर्णय लिया है।
सम्राट चौधरी ने एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए अपने संदेश में कहा कि इस माह कुल 1,423.94 करोड़ रुपये की पेंशन राशि 97.84 लाख लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। राज्य सरकार का यह कदम न केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा, बल्कि वृद्ध, दिव्यांग एवं विधवा महिलाओं को उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहारा देगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने इसे ‘पेंशन दिवस’ के रूप में आधिकारिक तौर पर मान्यता दी है ताकि हर महीने की 10 तारीख को राज्य के जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता नि:शर्त मिले और वे अपनी दिनचर्या को बेहतर ढंग से संचालित कर सकें। इस पहल से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।
सीएम के अनुसार, केंद्र एवं राज्य के सहयोग से संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत यह राशि सीधे बैंक खातों में जमा की जाएगी, जिससे लाभार्थियों को भुगतान में किसी प्रकार की देरी या बाधा नहीं होगी। बिहार सरकार का यह प्रयास समाज के कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने व सम्मानजनक जीवन साधने के लिए समर्पित है।
पुरानी पेंशन प्रणाली में अक्सर भुगतान में देरी होती थी, जिससे लाभार्थी वर्ग को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसे ध्यान में रखते हुए, नई प्रणाली में डीबीटी के माध्यम से समय पर भुगतान सुनिश्चित करने से वृद्धजन, दिव्यांगजन और विधवा महिलाएं अपनी आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगी।
समाजवादी सरकार ने इस योजना के जरिए यह भी संदेश दिया है कि बिहार का विकास सामाजिक सुरक्षा के मजबूत आधार पर ही संभव है, इसलिए सरकार लगातार नई पहल करती रहेगी ताकि सभी जरूरतमंदों तक सरकारी सुविधाएं सीधा पहुंचे। सम्राट चौधरी ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी और बेहतर योजनाएं लागू की जाएंगी जो गरीब और वंचित वर्ग को शक्ति प्रदान करें।
अंत में यह कहा जा सकता है कि बिहार सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन की नियमितता एवं समय पर भुगतान की इस बड़ी घोषणा ने दृष्टिकोण बदला है और राज्य के सभी पेंशनार्थियों को राहत भरा तोहफा दिया है। यह पहल राज्य के कमजोर तबकों के लिए एक नई उमंग व भरोसे की शुरुआत साबित होगी।




