Bihar

शत्रुघन सिन्हा ने बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर के समर्थन की अपील की

पटना, बिहार। आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है, जिसमें जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। इस बीच तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं बिहार के पटना साहिब से पूर्व सांसद शत्रुघन सिन्हा ने किशोर के समर्थन में जोरदार अपील की है। उन्होंने मतदाताओं से जाति, धर्म और राजनीतिक संबद्धताओं को भुलाकर किशोर को वोट देने का आग्रह किया है।

शत्रुघन सिन्हा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रशांत किशोर को ‘‘सबसे सक्षम, दूरदर्शी और प्रतिभाशाली बुद्धिजीवी जननेता’’ बताते हुए कहा कि वे एक ऐसे व्यक्तित्व हैं जिन्हें लोग पसंद करते हैं और जो लगातार देश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किशोर का चुनावी मैदान में आना बिहार की राजनीति में नया उत्साह लेकर आया है और यह न केवल राज्य बल्कि पूरे देश की नज़रों को बांकीपुर उपचुनाव की ओर आकर्षित कर रहा है।

सिन्हा ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे पारंपरिक राजनीतिक और सामाजिक विभाजनों को भूलकर एकजुट होकर प्रशांत किशोर का समर्थन करें। उनका मानना है कि इस समय एकता ही बिहार के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी आशा, कामना और प्रार्थना है कि आम जनता, और खासकर युवा मतदाता, जाति, धर्म और दलगत भेदभाव से ऊपर उठकर उनका समर्थन करें।’’ उन्होंने अंत में ‘जय बिहार, जय हिंद’ का नारा देकर अपनी बात पूरी की।

प्रशांत किशोर, जो जन सुराज पार्टी के संस्थापक और अध्यक्ष हैं, पिछले वर्षों में एक सफल चुनाव रणनीतिकार के रूप में उभरे हैं। यह उनका पहला मौका होगा जब वे प्रत्यक्ष रूप से किसी चुनाव में उम्मीदवार के रूप में भाग ले रहे हैं। जन सुराज पार्टी ने इस उपचुनाव को अपनी राजनीतिक ताकत की परीक्षा माना है और Kishore की उम्मीदवारी को पार्टी के लिए एक बड़ी महत्वाकांक्षी पहल के रूप में देखा जा रहा है।

बांकीपुर उपचुनाव 30 जुलाई को संपन्न होगा और इसे बिहार विधानसभा की राजनीति में अहम माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि प्रेमजागरण होने के साथ-साथ यह चुनाव किशोर के लिए काफी चुनौतीपूर्ण भी होगा, क्योंकि क्षेत्र में अन्य राजनीतिक दल भी अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, किशोर की छवि और लोकप्रियता उनकी सबसे बड़ी ताकत होगी, लेकिन पारंपरिक राजनैतिक समीकरण और स्थानीय समीकरण भी इस चुनाव के निर्णायक तत्व होंगे। चुनाव प्रचार के दौरान किशोर ने व्यापक जनसमर्थन जुटाने के लिए कई स्थानों पर रैलियां और बैठकें कर रखी हैं, जिनमें युवाओं की भारी भागीदारी देखने को मिल रही है।

बांकीपुर उपचुनाव को सभी समुदाय और तबकों की पसंदीदा सीट माना जाता है, और इस बार प्रशांत किशोर की भागीदारी ने इसे और रोचक बना दिया है। राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं और मतदाताओं की निगाहें इस चुनाव पर टिकी हैं।

इस उपचुनाव के परिणाम से बिहार की राजनीतिक दिशा तय हो सकती है और यह आगामी विधानसभा चुनाव में भी बड़ी भूमिका निभा सकता है। ऐसे में प्रशांत किशोर की जीत या हार बिहार की राजनीतिक परिदृश्य को नई दिशा दे सकती है।

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