Madhya Pradesh

सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन पुलिस का बड़ा फैसला, ऑटो-ई-रिक्शा संचालन में होगी नई व्यवस्था, यूनिक आईडी और शिफ्ट सिस्टम लागू

उज्जैन, मध्यप्रदेश – उज्जैन, जो अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान के लिए पूरे देश और विदेश में प्रसिद्ध है, वर्ष 2028 में होने वाले भव्य सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों में जुट गया है। इस बड़े आयोजन के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु और व्यवस्थित करना एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। इसी आवश्यकतानुसार उज्जैन यातायात पुलिस ने ऑटो-ई-रिक्शा संचालन के लिए एक नई कड़ी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

शहर में बढ़ते वाहन दबाव और प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे श्रीमहाकाल मंदिर, हरसिद्धि मंदिर एवं रामघाट के आसपास की सड़कों पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम को नियंत्रित करने के लिए अब सभी ऑटो और ई-रिक्शाओं के लिए ‘यूनिक आईडी’ अनिवार्य कर दी गई है। इसके लागू होते ही बिना किसी यूनिक आईडी वाला वाहन सड़क पर नहीं दौड़ा पाएगा, जिससे अनुशासन और नियंत्रण दोनों में सुधार होगा।

उज्जैन में लगभग 5,000 पंजीकृत ऑटो एवं ई-रिक्शा

यातायात पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, उज्जैन शहर में फिलहाल लगभग 5,000 ऑटो और ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनमें सभी को एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूनिक आईडी) दी जाएगी। इस प्रणाली के अंतर्गत वाहन चालकों को दो शिफ्टों में काम करना होगा, जिससे सड़क पर वाहनों की संख्या नियंत्रित रहेगी और ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा। यूनिक आईडी के आधार पर वाहन केवल अपनी निर्धारित शिफ्ट में ही सड़कों पर चलेंगे।

ऑटो-ई-रिक्शा चालकों को आवश्यक निर्देश

यातायात पुलिस ने सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे अगले सात दिनों के भीतर यातायात थाना पहुंचकर अपनी यूनिक आईडी प्राप्त करें। इसके लिए चालकों को अपने वाहन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज जैसे पंजीकरण प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा एवं आधार कार्ड साथ लेकर आना अनिवार्य होगा। दस्तावेजों की जांच के बाद ही यूनिक आईडी जारी की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि केवल वैध और पंजीकृत वाहन ही इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

कड़ाई से पालन नहीं होने पर सख्त कार्रवाई

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद बिना यूनिक आईडी वाले أي वाहन सड़क पर चलाते पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शिफ्ट के निर्धारित समय के बाहर वाहन चलाने वालों पर मोटरयान अधिनियम एवं ट्रैफिक नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर वाहन जब्त करना या परमिट रद्द करना भी शामिल हो सकता है।

पुलिस प्रशासन का मानना है कि यह नई व्यवस्था सिंहस्थ 2028 के अवसर पर उज्जैन की यातायात समस्याओं को काफी हद तक दूर करेगी। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि लाखों श्रद्धालु भी बिना किसी बाधा के अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। यह कदम उज्जैन को एक बेहतर और सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन वाला शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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