भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अधिकारियों की भूमिका की जांच हो: पप्पू यादव

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। बिहार में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दिया है। गुरुवार को पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह एनकाउंटर पूरी तरह से अनुचित था और इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। पप्पू यादव ने कांग्रेस पार्टी के समर्थन का भी भरोसा दिलाते हुए कहा कि पीड़ित परिवार के न्याय के लिए वे पूरी ताकत से खड़े रहेंगे।
पप्पू यादव ने अपने बयान में कहा कि वे खुद पीड़ित परिवार से मिलने भी गए थे, जहां उन्हें घटनाक्रम की पूरी जानकारी मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी को गलत तरीके से फंसाया गया है और उन्हें बलि का बकरा बनाया गया। वे मांग करते हैं कि संबंधित अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके।
सांसद ने यह भी कहा कि गरीब और वंचित वर्ग के हितों की आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जाना अत्यंत चिंताजनक है। यह लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी भी राज्य में आम जनता, खासकर गरीबों और उनके बच्चों के साथ अन्याय होता है, तो सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। चाहे मामला बिहार हो, उत्तर प्रदेश हो या पश्चिम बंगाल, जनता न्याय के लिए आवाज उठाएगी।
पप्पू यादव ने केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों पर नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि लाखों छात्र कठिन परिश्रम करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं। पप्पू यादव ने कहा कि परीक्षा के बाद भी युवा रोजगार और नियुक्ति के लिए लंबे समय तक इंतजार करते हैं, जिससे उनमें निराशा बढ़ती है।
उन्होंने युवाओं, छात्रों और किसानों के हितों की रक्षा को अपना प्राथमिक लक्ष्य बताया और कहा कि रोजगार प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना जरुरी है। परिणाम घोषित होने के बाद निश्चित अवधि के भीतर सभी नियुक्तियां सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
नीट पेपर लीक मामले में पप्पू यादव ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी कोचिंग संस्थान या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता प्रमाणित होती है तो उसकी निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले। उन्होंने मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने की पुनः मांग की।
अंत में पप्पू यादव ने कहा कि देश के युवाओं की मांग शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि सरकार और संबंधित संस्थान छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े उपाय करेंगे।




