पटना: कोचिंग विवाद में खान सर को मिली बड़ी राहत, कोर्ट ने की जमानत मंजूरी, फायरिंग के आरोपी बॉडीगार्ड भी हुए रिहा

पटना, बिहार: बिहार के पटना में मुसल्लहपुर कोचिंग विवाद मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है। इसी मामले में उनके तीन कर्मचारियों को भी अग्रिम जमानत दी गई है, जबकि उनके दो सुरक्षा गार्डों को नियमित जमानत मिली है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने घटना के बाद से बेउर जेल में बंद प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह की नियमित जमानत याचिका भी मंजूर कर दी है। दोनों सुरक्षा गार्ड पिछले महीने हुई घटना के बाद से न्यायिक हिरासत में थे। यह राहत आज अदालत के निर्णय के बाद मिली है।
2 जून को हुई घटना
यह विवाद 2 जून की रात पटना के मुसल्लहपुर इलाके में हुई कथित मारपीट और फायरिंग की घटना से जुड़ा है। घटना के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। खान सर और अन्य आरोपितों के नाम आरोप पत्र में सामने आने के बाद उन्होंने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा और अब सुनाया है, जिसमें आरोपितों को जमानत दी गई है।
अधिवक्ता की राय
खान सर के वकील अरविंद कुमार मौआर ने बताया कि कोर्ट ने कुल छह लोगों को राहत दी है। इसमें खान सर और उनके तीन कर्मचारियों की अग्रिम जमानत मंजूर हुई है, जबकि दोनों सुरक्षा गार्डों को नियमित जमानत मिली है। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच के तथ्यों को कोर्ट ने महत्व दिया और फैसला उसी के आधार पर किया।
पहली गिरफ्तारी और जांच
मामले की प्रारंभिक जांच के दौरान ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई थी। जांच के अगले चरण में खान ग्लोबल स्टडीज के सुरक्षा गार्ड प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह को भी पकड़ा गया था और वे तब से न्यायिक हिरासत में थे।
वीडियो सामने आने पर जांच तेज
पुलिस जांच के दौरान एक वीडियो सामने आने के बाद खान सर का नाम भी एफआईआर में शामिल कर लिया गया था। पुलिस ने उनके सुरक्षा गार्डों की कथित फायरिंग की घटनाओं की भी जांच की है। हालांकि इससे पहले अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा रखी थी।
पटना सिविल कोर्ट के आदेश के बाद फैजल खान, उनके तीन कर्मचारी और दोनों सुरक्षा गार्ड न्यायिक हिरासत से बाहर आ गए हैं, मगर मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। घटना की पूरी विवेचना अब भी चल रही है और अदालत आगे सुनवाई कर सकती है।




