राम मंदिर चढ़ावा घोटाले के बाद कृष्ण मोहन ने कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी संभाली, चंपत राय से की मुलाकात

अयोध्या, उत्तर प्रदेश। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हाल ही में हुए प्रशासनिक बदलावों के बाद कृष्ण मोहन ने कार्यवाहक महासचिव के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभाली है। इस बदलाव के तुरंत बाद उन्होंने राम मंदिर परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्य और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। इससे पहले कृष्ण मोहन ने पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की, जो इस समय चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, कृष्ण मोहन और चंपत राय के बीच लंबी बातचीत हुई। हालांकि ट्रस्ट की ओर से बातचीत के विषय पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली, लेकिन माना जा रहा है कि बैठक में मंदिर के प्रशासनिक संचालन, निर्माण की प्रगति और चढ़ावे से जुड़े मामले पर विस्तार से चर्चा हुई। चंपत राय इन दिनों रामकोट स्थित ट्रस्ट कार्यालय में ही रह रहे हैं।
निर्माण कार्यों का अवलोकन
मुलाकात के बाद कृष्ण मोहन सीधे मंदिर परिसर पहुंचे जहां वे चल रहे निर्माण, सुंदरीकरण तथा अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इंजीनियरों और अधिकारियों से निर्माण की गुणवत्ता, प्रगति और समय सीमा पर जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय मानकों और निर्धारित समय के भीतर पूरे किए जाएं। ट्रस्ट का मानना है कि मंदिर निर्माण के अंतिम चरण में गुणवत्ता और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान कृष्ण मोहन ने दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा प्रणाली, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, इसलिए व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने पर खास ध्यान दिया जाएगा।
ट्रस्ट ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे ताकि प्रशासनिक प्रक्रियाएं और अधिक प्रभावी बन सकें।
चढ़ावा मामले के बाद प्रशासन में बड़ा बदलाव
राम मंदिर में चढ़ावे की गणना से जुड़े कथित अनियमितता के आरोपों के बाद ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलाव हुए हैं। पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया गया।
चंपत राय ने हाल ही में चढ़ावा गणना प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उन्होंने 6 फरवरी 2025 को जारी दिशा-निर्देशों को स्वीकार नहीं किया था और गणना में बदलाव पर सवाल उठाए थे। पत्र में उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक और डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने बयान को एसआईटी जांच में शामिल करने की मांग की है।
चढ़ावा मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। ट्रस्ट और एसआईटी की ओर से चंपत राय के पत्र या मौजूदा मुलाकात पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अब सबकी नजरें जांच की अंतिम रिपोर्ट और ट्रस्ट की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।




