राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में SIT ने चंपत राय व गोपाल राव से पूछताछ, कई अहम दस्तावेज जब्त किए

अयोध्या, उत्तर प्रदेश: अयोध्या स्थित राम मंदिर चढ़ावे की राशि में कथित गबन के मामले की जांच तेज हो गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दूसरे दिन भी मंदिर ट्रस्ट के मुख्य पदाधिकारियों समेत कई संबंधित लोगों से पूछताछ की है। इस मामले में एसआईटी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और व्यवस्थापक गोपाल राव से विस्तार से सवाल-जवाब किए और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
जांच में दानपात्रों से प्राप्त रकम के प्रबंधन, उसकी सुरक्षा व्यवस्था और पैसे की गिनती की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एसआईटी ने मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज, लेखा-जोखा एवं अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच की।
लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में जांच
लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अगुवाई में चल रही जांच में आईजी किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन कुमार भी शामिल हैं। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के कई कर्मचारियों से पूछताछ की और ग्रीन हाउस स्थित ट्रस्ट ऑफिस में पहुंचकर चंपत राय व गोपाल राव से पूछताछ की गई। लगातार हो रही जांच के दौरान ट्रस्ट के खातों, कर्मचारियों की नियुक्ति, कलेक्शन एजेंसी की भूमिका समेत अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी जुटाई गई।
आभूषणों के रखरखाव कक्ष का भी निरीक्षण
एसआईटी ने रामलला के गर्भगृह के सामने स्थित कक्ष का भी निरीक्षण किया जहां भक्तों द्वारा चढ़ाए गए आभूषण और धनराशि को सुरक्षित रखा जाता है। इस दौरान सुरक्षा प्रबंधन और कक्ष के रख-रखाव के बारे में भी पूछताछ की गई। ट्रस्ट कर्मचारी कृष्णदेव तिवारी से भी विस्तार से बातचीत की गई।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और मांगें
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और तेज जांच की मांग की है। कांग्रेस ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में सर्वदलीय जांच समिति बनाने की बात कही है। यदि जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच की भी मांग की गई है। इस बीच, तीन अलग-अलग शिकायतें पुलिस के पास पहुंच चुकी हैं लेकिन अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। शिवसेना और युवा कांग्रेस के नेताओं ने एफआईआर हेतु कदम उठाए हैं।
चंपत राय के खिलाफ आरोप व बचाव
अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक जगद्गुरु स्वामी महेशाश्रम ने चंपत राय पर धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें महासचिव पद से हटाने की मांग की है। वहीं चंपत राय के पूर्व ड्राइवर रामशंकर यादव ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इस मामले की जिम्मेदारी ट्रस्टी अनिल मिश्रा की है। उन्होंने चंपत राय को पूरी तरह से बेदाग बताया।
फिलहाल, एसआईटी की जांच जारी है और जल्द ही इस विवाद में और तथ्य प्रकाश में आने की संभावना है। इस मामले में जांच का पूरा डाटा सार्वजनिक किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की भ्रांति से बचा जा सके।




