पटना : कोचिंग संस्थान में झड़प मामले में फैसल खान की अंतरिम सुरक्षा 3 जुलाई तक बढ़ाई गई

पटना, बिहार। बिहार के प्रसिद्ध शिक्षक रोशन आनंद और उनके कॉम्प्लेक्स के विवाद में ‘खान सर’ के नाम से मशहूर फैसल खान को पटना सिविल कोर्ट से अंतरिम सुरक्षा मिली है। सोमवार को अदालत ने उनके अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी समेत किसी भी सख्त कार्रवाई से तीन जुलाई तक के लिए सुरक्षा का आदेश दिया है।
यह आदेश उस विवाद से जुड़ा है जो 2 जून की रात पटना के एक कोचिंग संस्थान के बाहर हुआ था। दोनों पक्षों के बीच तीव्र झड़प हुई और इस संघर्ष के दौरान हवाओं में फायरिंग की गई, जिसने इलाके में अफरातफरी मचा दी। पुलिस ने इस मामले में जांच जारी रखी हुई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच अधिकारीयों से कहा कि वे जांच से संबंधित अपडेटेड केस डायरी और फैसल खान के निजी सुरक्षाकर्मियों के हथियारों के लाइसेंस की पुष्टि के दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत करें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम निर्णय तब ही किया जाएगा जब ये सभी दस्तावेज रिकॉर्ड पर सुनवाई के लिए उपलब्ध होंगे। तब तक फैसल खान को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए फैसल खान, रोशन आनंद, उनकी सुरक्षा टीम और अज्ञात अन्य व्यक्तियों के खिलाफ हत्या की कोशिश, दंगा-फसाद और गंभीर आरोप लगाए हैं। इस झड़प के दौरान कथित तौर पर दो सुरक्षाकर्मियों ने फायरिंग की, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत, फैसल खान ने 9 जून को अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था, जबकि रोशन आनंद को 15 जून को नियमित जमानत मिली थी। जांच में सामने आ रहा है कि इस विवाद में प्रिंस यादव नामक व्यक्ति भी शामिल था, जो रोशन आनंद के भाई थे और जिसकी मृत्यु नेपाल में हुई है।
यह मामला पटना पुलिस और न्यायालय के लिए संवेदनशील है, क्योंकि इसमें दोनों पक्षों के गंभीर आरोप हैं और कोचिंग संस्थान क्षेत्र में उत्पन्न हुआ विवाद सामाजिक व्याप्ति रखता है। विभिन्न पक्षों की गहन सुनवाई और जांच के बाद ही इस विवाद का अंतिम समाधान निकल पाएगा।
फैसल खान की अगली सुनवाई 3 जुलाई को निर्धारित है, जब पुलिस अपनी अपडेटेड रिपोर्ट और सुरक्षा कर्मियों के हथियार लाइसेंस की पुष्टि प्रस्तुत करेगी। तब कोर्ट विस्तार से इस मामले पर अपनी टिप्पणियां और आदेश जारी करेगा। इस पूरी प्रक्रिया में शांति बनाए रखने और कानून के अनुसार न्याय सुनिश्चित करने की पूर्ण प्रतिबद्धता जताई गई है।




