CBSE 12वीं: हाईकोर्ट ने रीवैल्यूएशन पोर्टल दोबारा खोलने से किया इनकार

दिल्ली, दिल्ली – केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं बोर्ड परीक्षा में डिजिटल इवैल्यूएशन सिस्टम में कथित गड़बड़ियों की जांच से जुड़ी याचिका पर शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने एनएसयूआई की उस मांग को ठुकरा दिया जिसमें रीवैल्यूएशन के लिए पोर्टल को पुनः खोलने की बात कही गई थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि रीवैल्यूएशन पोर्टल दोबारा खोला गया तो इसका असर लगभग 17 लाख छात्रों पर पड़ सकता है। अदालत ने यह भी माना कि इस तरह के फैसले से मूल्यांकन प्रक्रिया और संस्थागत प्रवेश प्रक्रिया दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि अब तक 1.67 लाख से अधिक छात्रों ने रीवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर दिया है और नए आवेदन स्वीकार करना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि अगर फिर से पोर्टल चालू किया गया तो पहले से आवेदन कर चुके छात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया और आगे की शैक्षिक गतिविधियाँ बाधित हो सकती हैं।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत शिकायत रखने वाले छात्र या अभिभावक आपत्तियां लेकर स्वतंत्र रूप से याचिका दायर कर सकते हैं। इस सुनवाई में अदालत ने आगे की कार्रवाई स्थगित कर दी है और मामले की आगे की सुनवाई बाद में की जाएगी।
इससे पहले सीबीएसई ने 8 जून को स्पष्ट किया था कि रीवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के लिए आवेदन प्रक्रिया दो जून से सात जून के बीच पूरी तरह सक्रिय थी। सरकारी टेक्निकल एजेंसियों और आईआईटी की टीमों ने इस प्रक्रिया का प्रबंधन किया। बोर्ड ने बताया कि 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने कुल 3.8 लाख से अधिक आंसर बुक्स के लिए सफलतापूर्वक आवेदन सबमिट किए, जिससे यह पता चलता है कि परीक्षा परिणाम आने के बाद छात्र इस सेवा का व्यापक रूप से उपयोग कर रहे हैं।
यह मामला शिक्षा जगत में महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि छात्रों और अभिभावकों में उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश संबंधित निर्णयों को लेकर काफी चिंता है। न्यायालय की अगली सुनवाई में संभावित फैसला छात्रों के शैक्षिक भविष्य पर असर डाल सकता है।



