पीओके हत्याकांड: ब्रिटेन में पाकिस्तानी कांसुलेट के बाहर प्रदर्शन

London, UK
ब्रिटेन के ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तानी कांसुलेट के सामने कश्मीरी प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का आयोजन पाकिस्तान कब्ज़ा किए हुए कश्मीर (PoK) में एक शव यात्रा के दौरान हुई गोलीबारी के विरोध में किया गया, जिसमें कम से कम 11 लोग मारे गए।
यह विरोध प्रदर्शन कुछ ही दिन पहले तब हुआ जब 30 ब्रिटिश सांसदों ने PoK में मानवाधिकार उल्लंघनों के कारण ब्रिटेन सरकार से कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की थी।
PoK में सरकारी दमन के बीच संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने सब्सिडी वाला आटा और बिजली उपलब्ध कराने की मांग को लेकर एक विरोध रैली आयोजित करने जा रही थी, लेकिन शुक्रवार को इस समिति को सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के कारण प्रतिबंधित कर दिया गया।
ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तानी कांसुलेट के सामने जमा हुए प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की सेना और प्रशासन पर नागरिकों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया। इन्होंने कहा कि खासकर रावलाकोट में हुई अनशन पर भी बड़ी संख्या में लोगों की हत्या और घायल होने की रिपोर्टें आई हैं।
प्रदर्शन के आयोजकों में कई कश्मीरी प्रवासी भी शामिल थे, जिन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर खोल दी गई गोलीबारी से कई लोग मारे गए और घायल हुए। यह हिंसा 5 जून के बाद से तेज़ हुई है जब JAAC ने विरोध शुरू किया था।
ब्रिटेन के करीब 30 सांसदों के समूह ने इस विषय पर चिंता जाहिर करते हुए ब्रिटेन सरकार से कहा कि वह कूटनीतिक स्तर पर हस्तक्षेप करे। इस समूह के अध्यक्ष और ब्रैडफोर्ड ईस्ट के सांसद इमरान हुसैन ने बताया कि क्षेत्र में संचार बंद, गिरफ्तारियां और बढ़ती तनाव की खबरें मिल रही हैं।
PoK में JAAC के 38 बिंदुओं वाले मांग पत्र में सरकार से सब्सिडी वाली बिजली और आटा उपलब्ध कराने जैसे आर्थिक और बुनियादी अधिकारों की माँग की गई थी, जिसके बाद तनाव बढ़ा।
PoK में इस दमन की कार्रवाई की वजह स्थानीय निवासियों के आर्थिक राहत, बेहतर बिजली सेवा व अधिकारों की मांग थीं। आंदोलनकारी बताते हैं कि पिछले दो दिनों में हुए सुरक्षा बलों के दमन में सौ से अधिक लोगों की जान गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर PoK में हो रही घटनाओं की गंभीर समीक्षा हो रही है। पिछले वर्षों में भी यहाँ बिजली और खाद्य पदार्थों की कमी को लेकर कई आंदोलन हुए हैं।
ब्रिटिश संसद के एक समूह ने आधिकारिक तौर पर लगातार संवाद बाधित, उत्पीड़न और गिरफ़्तारी की रिपोर्टों की चिंता जताई है।
ब्रैडफोर्ड ईस्ट के सांसद इमरान हुसैन ने ब्रिटिश विदेश कार्यालय को लिखे गए पत्र में कहा कि PoK में संचार पर रोक और व्यापक लॉकडाउन ने स्थिति को गंभीर बना दिया है।
यह पत्र 30 सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित था, जिसमें ब्रिटिश सरकार से कहा गया कि वह सभी उचित कूटनीतिक मार्ग अपनाकर तनाव कम करने और शांतिपूर्ण समाधान पर कार्य करे।
सांसदों ने चिंता जताई कि गिरफ्तारियां, जिनमें ब्रिटिश नागरिक भी शामिल हैं, संचार प्रतिबंध और अधिकारियों व JAAC प्रतिनिधियों के बीच संवाद टूटना क्षेत्रीय स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
सांसदों ने लिखा, “हमें ब्रिटिश नागरिकों की गिरफ्तारियों और संवाद टूटने की खबरें चिंता में डाल रही हैं।”
समूह ने चेतावनी दी कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में संचार प्रतिबंध तनाव बढ़ाएंगे और जनता के विश्वास को कमजोर करेंगे।



