विश्व जनसंख्या दिवस पर भागलपुर में ‘शक्ति संवाद’ अभियान, हजारों छात्राओं को किया गया जागरूक

भागलपुर, बिहार।
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर अनुमंडल कहलगांव द्वारा बालिकाओं के समग्र विकास, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से ‘शक्ति संवाद’ अभियान का भव्य आयोजन किया गया। इस अभियान के माध्यम से हजारों छात्राओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जागरूक किया गया, जो उनकी बेहतरी के लिए एक सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अनुमंडल के सभी 84 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एकसाथ कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें महिला पदाधिकारियों ने छात्राओं से संवाद कर उन्हें मासिक धर्म स्वच्छता, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा, करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास, आर्थिक स्वावलंबन और बाल विवाह उन्मूलन जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुनीता शर्मा, उपनिदेशक, आयकर विभाग, भागलपुर ने बताया कि शिक्षा और आत्मविश्वास महिलाओं की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने छात्राओं से अपने अधिकारों को समझने, बड़े सपने देखने तथा समाज में बदलाव लाने के लिए पहल करने का आह्वान किया।
अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव ने इस अभियान को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मानजनक भविष्य के लिए जन-आंदोलन बताया। अभियान के दौरान 5,000 से अधिक छात्राओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया, और 8,000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने बाल विवाह के खिलाफ शपथ लेकर आयरन की गोलियां सेवन कीं।
बाल विवाह उन्मूलन को प्रभावी बनाने हेतु प्रत्येक प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी के नेतृत्व में समन्वित टीम गठित की गई है जिसमें बाल विकास परियोजना अधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिकाएं, बाल संरक्षण पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हैं। सभी को मानक कार्य प्रणाली (एसओपी) प्रदान की गई है।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक विद्यालय में ‘बाल विवाह निषेध शिक्षक’ और सहायक शिक्षक नियुक्त किए गए हैं जो जागरूकता फैलाने और संदिग्ध मामलों की सूचना प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विद्यालय और पंचायत स्तर पर भी टीमों का गठन किया गया है जिससे इस अभियान में जनभागीदारी बढ़ेगी और इसका प्रभाव व्यापक होगा।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने बाल विवाह के विरुद्ध शपथ ली और समाज में इस कुरीति को खत्म करने का संकल्प दोहराया। वे नाटक, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी महिला सशक्तिकरण एवं बाल विवाह उन्मूलन का संदेश मजबूती से दिया।
अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा, “हम केवल कानून का पालन कराना चाहते हैं, बल्कि ऐसा समाज बनाना चाहते हैं जिसमें हर बेटी शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बने तथा उसे अपने सपनों को पूरा करने के समान अवसर मिलें।” उन्होंने सभी सामाजिक वर्गों से इस जन-आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।
प्रशासन का मानना है कि जब एक बेटी सशक्त होती है, तब पूरा परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त होता है। इस अभियान से भागलपुर और उसके आसपास के क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण और बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति नई जागरूकता और सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, जो भविष्य के लिए उत्साहजनक संकेत हैं।




