30 हजार फीट की ऊंचाई पर प्लेन की खिड़की टूटी, बड़ा हादसा टला, यात्री का सिर-कंधा बाहर निकला, पत्नी ने पकड़कर बचाई जान

ग्रीस, थेसालोनिकी – ग्रीस के आसमान में उड़ रहे एक यात्री विमान में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 30 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान की एक खिड़की टूट गई। इस घटना से विमान में बैठे सभी यात्री दहशत में आ गए। विमान की खिड़की टूटने के कारण केबिन का दबाव तेजी से कम हो गया, जिससे 61 वर्षीय यात्री का सिर और कंधा खिड़की से बाहर निकल गया। सौभाग्य से यात्री ने सीट बेल्ट मजबूती से बाँध रखी थी, जिससे वह विमान से बाहर गिरने से बच गया। उसकी पत्नी ने तुरंत उसकी जान बचाने के लिए उसके दोनों पैर पकड़ लिए। आसपास बैठे अन्य यात्रियों ने भी मदद करते हुए उसे वापस सीट पर खींच लिया।
घटना का ब्यौरा और परिणाम
यह हादसा तब हुआ जब विमान ग्रीस के थेसालोनिकी से जर्मनी के मेमिंगेन जा रहा था। उन्होंने बताया कि विमान लगभग 30 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था, तभी खिड़की में अचानक दरार आ गई। इसके बाद विमान केबिन में दबाव कम होने लगा, जिससे सभी यात्री घबराकर ऑक्सीजन मास्क लगाने लगे। एयरलाइन कंपनी रायनएयर ने पुष्टि की कि घायल यात्री की स्थिति स्थिर है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के कारणों की जांच जारी है।
यात्रियों की प्रतिक्रियाएं
विमान में मौजूद एक महिला यात्री ने बताया कि ज्यादातर यात्री उस समय सो रहे थे। अचानक एक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जो टायर फटने जैसी लगी। इसके बाद सभी को महसूस हुआ कि विमान के अंदर का दबाव गिर रहा है। खिड़की टूटने से तेज हवा का दबाव अंदर आया और विमान में घबराहट फैल गई। महिला ने बताया कि ऑक्सीजन मास्क तुरंत नीचे आ गए और विमान में तेज गंध फैल गई। इस दौरान उन्होंने देखा कि एक यात्री का सिर और कंधा बाहर निकला हुआ है, जिसे उसकी पत्नी ने पकड़कर सुरक्षित रखा। आसपास मौजूद यात्री भी मदद के लिए आगे आए।
विमान की तत्काल स्थिति
विमान के इंजन से अलग हुए किसी पुर्जे के टुकड़े की वजह से खिड़की टूटने की संभावना जताई जा रही है। हादसे के बाद विमान को ईमरजेंसी के तहत वापस थेसालोनिकी एयरपोर्ट पर उतारा गया, जहां सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल यात्री सर्बिया का रहने वाला है और उसे अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित बताया गया है। एयरलाइन कंपनी ने इस पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
यह घटना विमानन सुरक्षा की अहमियत को फिर से सामने ला गई है और एक बार फिर यात्रियों की हिम्मत और संयम की भी मिसाल बनी।




