Uttar Pradesh

यूपी में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: रिटायर्ड एआरटीओ के घर से करोड़ों की संपत्ति, नकदी और 22 किलो सोना-चांदी बरामद

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। लखनऊ में विजिलेंस टीम ने सेवानिवृत्त सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के आवास पर एक बड़ा छापा मारा है। इस छापेमारी में भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी और करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में इन संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी गई है।

आय से अधिक संपत्ति का बड़ा खुलासा

अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में ललित कुमार के घर पर न्यायालय से मिले सर्च वारंट के आधार पर विजिलेंस टीम ने तलाशी ली। तलाशी के दौरान नकदी के रूप में 1.62 करोड़ रुपये पैसे मिले जबकि लगभग 22 किलोग्राम सोने-चांदी के बिस्किट और आभूषण भी पकड़े गए। इसके अलावा अनेक बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड और डाकघर के निवेशों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए।

जांच की पृष्ठभूमि

यह जांच वर्ष 2020 में परिवहन आयुक्त को मिली शिकायत के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन द्वारा शुरू की गई थी। जांच में ललित कुमार की वैध आय लगभग 93 लाख रुपये पाई गई, जबकि उनकी संपत्ति और खर्च इससे कई गुनाह अधिक पाया गया। इसी आधार पर जून 2024 में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच की आगे की जिम्मेदारी विजिलेंस टीम को दी गई।

तिजोरियों और लॉकरों से बरामद भंडार

घर में दो तिजोरियां और कई लॉकर भी मिले, जिनमें भारी मात्रा में कीमती आभूषण, सोने-चांदी के बिस्किट और नकद पैकेट छिपाए गए थे। साथ ही लग्जरी वाहन, लाइसेंसी रिवॉल्वर और विभिन्न शहरों में स्थित भूखंड व फ्लैटों से जुड़ी दस्तावेजी सामग्री भी जब्त की गई।

परिवहन विभाग में बढ़ी हलचल

इस कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग में हलचल तेज हो गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित शिकायतों और अनियमितताओं की भी अब समीक्षा हो सकती है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।

कार्यकाल के दौरान विवादास्पद दौर

ललित कुमार ने आगरा में एआरटीओ प्रवर्तन के रूप में लगभग पांच वर्ष सेवा की। इस दौरान उनके ऊपर वाहन चेकिंग, अवैध वसूली और भ्रष्टाचार जैसी कई शिकायतें दर्ज रही हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उनकी संपत्ति की जांच ने विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही पर एक बार फिर चर्चा शुरू कर दी है।

डीजीपी ने इस छापेमारी में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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