मोहन यादव ‘भूमि घोटाले’ के ‘मास्टरमाइंड’, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा, पटवारी ने पूछा- CM स्वयं कब बोलेंगे

भोपाल, मध्य प्रदेश: कांग्रेस ने सोमवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर कथित भूमि घोटाले को लेकर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने उन्हें इस मामले में जवाबदेह ठहराने और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर अपना संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री की चुप्पी और अनसुलझे सवालों के बीच विपक्ष ने 30 जून से ‘जवाब दो अभियान’ शुरू करने की भी घोषणा की है।
कांग्रेस संघर्ष जारी रखेगी
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा साझा किए गए एक पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव भूमि घोटाले के मास्टरमाइंड हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर जवाबदेही की मांग करती रहेगी, क्योंकि उचित कार्रवाई के बिना जनता का विश्वास बहाल नहीं हो सकता।
जयराम रमेश ने कहा, “मुख्यमंत्री अपने निजी लाभ के लिए इस बड़े घोटाले में लिप्त पाए गए हैं। कांग्रेस उनकी जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए उनके इस्तीफे की मांग को लेकर कड़ा संघर्ष जारी रखेगी।”
पटवारी ने सीएम से मांगा जवाब
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री से भूमि घोटाले पर स्पष्टता देने और जनता के सवालों का जवाब देने की मांग की है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया था, जो अब समाप्त हो चुका है।
पटवारी ने कहा, “मंत्री, संगठन और सरकार की तरफ से सफाई आ चुकी है, लेकिन जनता जानना चाहती है कि मुख्यमंत्री स्वयं कब बोलेंगे। यह केवल उनकी चुप्पी तोड़ने का समय है।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री ने जवाब नहीं दिया तो कांग्रेस 30 जून को ‘करप्शन मीटिंग’ करेगी और ‘जवाब दो अभियान’ प्रारंभ करेगी। पटवारी ने लोकतंत्र में मौन को कभी उत्तर नहीं माना।
भूमि घोटाले की खबरों ने बढ़ाया दबाव
अंग्रेजी दैनिक “इंडियन एक्सप्रेस” की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में 137 भूखंड खरीदे। यह खबर विवादों में घिरी और विपक्ष ने इसे लूट की योजना बताया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि ये आरोप गलत हैं तो मुख्यमंत्री को अदालत जाना चाहिए और अपने पक्ष में प्रमाण जनता के सामने रखना चाहिए। जनता और विपक्ष दोनों इस मामले में पूर्ण पारदर्शिता की उम्मीद कर रहे हैं।
कांग्रेस का मानना है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि लोकतंत्र की विश्वसनीयता बची रहे। मध्यप्रदेश की जनता इस विवाद से गहराई से जुड़ी हुई है और जल्द से जल्द सच जानने की आकांक्षा रखती है।
इस बीच, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस मुद्दे की गूंज बढ़ती जा रही है और आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं।
पीटीआई के इनपुट के साथ।




