अयोध्या पहुंचकर अरविंद केजरीवाल ने रामलला के दर्शन किए, चढ़ावे की चोरी पर जताई चिंता, ट्रस्ट से सवाल उठाए

अयोध्या, उत्तर प्रदेश: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सुबह करीब 11 बजे राम जन्मभूमि मंदिर में जाकर रामलला के दर्शन किए तथा पूजा-अर्चना की। उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी मौजूद रहे। इस मौके पर पार्टी के अन्य पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता भी अयोध्या में उपस्थित थे। केजरीवाल ने दर्शन के बाद कहा कि अयोध्या आना और रामलला के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है, उन्होंने भगवान श्रीराम से देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की प्रार्थना की है।
हनुमानगढ़ी मंदिर व संतों से मुलाकात का भी कार्यक्रम
रामलला के दर्शन के बाद केजरीवाल ने हनुमानगढ़ी मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही उनका संत-महात्माओं से मुलाकात करने का भी कार्यक्रम था। उन्होंने कहा कि अयोध्या एक आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां आकर उन्हें विशेष अनुभूति हुई। शाम करीब चार बजे उन्होंने मीडिया से बातचीत कर अपने दौरे और अन्य समसामयिक मुद्दों पर चर्चा की।
चढ़ावे की चोरी पर केजरीवाल का कड़ा बयान
राम मंदिर के दर्शन के बाद केजरीवाल ने चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर कहा, “चढ़ावे की चोरी महापाप है।” उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बड़े स्तर पर जवाबदेही तय नहीं हुई है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे आरोपों ने राजनीतिक बहस को तेज किया है।
इन लोगों ने भगवान राम की पादुका चोरी कर ली, हार चोरी कर लिया, दीपक चोरी कर लिए, गहने चोरी कर लिए, हीरे जवाहरात चोरी कर लिए, भगवान पर होने वाला चढ़ावा चोरी कर लिया। मेरा मन अत्यंत दुखी है। कल मैं भगवान राम के दर्शन करने जाऊँगा। श्री राम मंदिर जाऊँगा, हनुमान गढ़ी जाऊँगा, संतों से… pic.twitter.com/0T6KlAKzkq
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 25, 2026
वीडियो संदेश में गंभीर आरोप लगाए
अयोध्या दौरे से पहले सोमवार को केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी कर राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की चर्चा की थी। उन्होंने दावा किया था कि मंदिर से बड़ी मात्रा में नकदी और हीरे-जवाहरात गायब हुए हैं। इस मामले पर उन्होंने कहा कि इससे देशभर के राम भक्तों और सनातन धर्म के अनुयायियों को गहरा दुख पहुंचा है। केजरीवाल ने बताया कि लगभग 200 करोड़ रुपये नकद एवं मूल्यवान आभूषणों के गायब होने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु भगवान के प्रति आस्था के साथ दान और चढ़ावा अर्पित करते हैं, इसलिए इस मुद्दे की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
संजय सिंह ने भी ट्रस्ट पर सवाल उठाए
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने संबंधित विशेष जांच दल (SIT) को कथित जमीन घोटाले से जुड़े दस्तावेज सौंपे हैं। संजय सिंह के अनुसार, इन दस्तावेजों में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल कुमार मिश्रा, भाजपा के पूर्व मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और उनके रिश्तेदारों के नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच हो तो संबंधित लोगों की भूमिका सबके सामने आएगी।
एफआईआर को बताया ध्यान भटकाने की कोशिश
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि आर्थिक अनियमितताओं से ध्यान हटाने के लिए केवल अंडरस्टाफ कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उनके अनुसार, यदि मंदिर में चढ़ावे और जमीन से जुड़े मामलों में कोई गड़बड़ी हुई है तो केवल निचले स्तर के लोगों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार उच्च अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए तथा पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी जरूरी है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी चर्चा
अरविंद केजरीवाल का अयोध्या दौरा धार्मिक आस्था और राजनीतिक संदेश दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने रामलला के दर्शन कर देश की खुशहाली की कामना की, वहीं मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवादों पर भी सवाल खड़े किए। इन आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है और आम आदमी पार्टी निष्पक्ष जांच तथा जवाबदेही की मांग कर रही है। इस बीच, संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया एवं जांच एजेंसियों की जांच पर देश की नजर बनी हुई है।



