Jammu and Kashmir

सार्वजनिक परियोजनाएं उपेक्षित: अनंतनाग के वाटर कूलर और हैंगिंग गार्डन एक साल से निष्क्रिय

अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर। अनंतनाग शहर की कई सार्वजनिक सुविधाएं पिछले एक वर्ष से बंद पड़ी हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में काफी नाराजगी और निराशा व्याप्त है। स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थापित किए गए वाटर कूलर और हैंगिंग गार्डन जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक संसाधन अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं और इनकी देखभाल में कोई रुचि नहीं दिखाई दे रही है।

वाटर कूलर, जिन्हें गर्मियों के मौसम में खासतौर से भारी मांग रहती है, अब लंबे समय से उपयोग के लिए अनुपयुक्त हो चुके हैं। इन उपकरणों का साफ-सफाई और मरम्मत न किए जाने के कारण उनका उपयोग पूरी तरह बंद हो गया है। वहीं, शहर के एक प्रमुख स्थान पर विकसित किया गया हैंगिंग गार्डन भी यूँ ही उपेक्षित पड़ा है। पौधे सूख गए हैं और बांस की संरचनाएं टूटी फूटी नजर आती हैं, जिससे वह ना केवल अपनी असली सुंदरता खो चुका है बल्कि वहां आना-जाना भी कम हो गया है।

स्थानीय निवासी बताते हैं कि ये परियोजनाएं तब शुरू की गई थीं जब प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक आराम के लिए विशेष पहल की थी, लेकिन वर्ष भर बीत जाने के बाद भी इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं दिखता। स्थानीय मीडिया से बातचीत में कई लोगों ने प्रशासन की इस उदासीनता पर सवाल उठाए हैं और चेतावनी दी है कि इस तरह की देखभाल के अभाव में ये परियोजनाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।

स्थानीय परिषद के एक सदस्य का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं को ठीक से बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और वह इस मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। वहीं, नगर निगम के कुछ अधिकारी इस बात को स्वीकार करते हैं कि रख-रखाव में कमी रही है लेकिन वे जल्द ही मरम्मत एवं सुधार कार्य शुरू करने का आश्वासन देते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक परियोजनाओं की इस तरह की उपेक्षा से न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी हानि होती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह जल्दी से जल्दी इन परिसम्पत्तियों की कुशल देखभाल करते हुए उन्हें पुनः चालू करे ताकि शहर के लोग फिर से इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

यह मामला अनंतनाग के स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही और दक्षता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस बात को गंभीरता से लेता है या फिर जनता को अपनी मांगों को लेकर और अधिक संघर्ष करना पड़ता है। अनंतनाग के लोगों की आशा है कि जल्द ही वे अपने शहर में एक खूबसूरत और सुविधाजनक माहौल का अनुभव कर सकेंगे।

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