धीरेंद्र शास्त्री ने जताया शंका, कहा संतों और मंदिरों के खिलाफ रचा जा रहा षड्यंत्र, अयोध्या में हनुमानगढ़ी के दर्शन किए

अयोध्या, उत्तर प्रदेश। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में अयोध्या में अपने दौरे के दौरान राम मंदिर दान प्रकरण पर महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी। उन्होंने देश की न्याय-व्यवस्था और सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि इस मामले में सभी दोषियों को सजा मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने कुछ शक्तियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे संतों और मठ-मंदिरों के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रच रही हैं, जिससे लोगों की आस्था एवं श्रद्धा को कमजोर किया जा रहा है।
श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शुक्रवार को अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने हनुमानगढ़ी के पुजारी महंत राजू दास के गुरु, महंत संत राम दास के आश्रम पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बताया कि महंत संत राम दास हाल ही में निधन हो गए थे और वे उज्जैनिया पट्टी के श्रीमहंत थे। श्रद्धांजलि देने के लिए अयोध्या आना उनका सौभाग्य है।
राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया, “यह कोई मामूली पाप नहीं है, बल्कि महापाप है, और भगवान इसके लिए सजा देंगे। हालांकि हमें देश की कानून व्यवस्था और विशेष जांच दल (एसआईटी) पर पूरा भरोसा रखना चाहिए क्योंकि जांच अभी जारी है। सभी दोषियों को उचित सजा अवश्य मिलेगी।”
उन्होंने वर्तमान समय को ‘छलयुग’ कहा और कहा कि हमें बहुत सावधान रहना होगा। उन्होंने बताया कि कुछ लोग इस युग में कल्याणकारी संतों, महंतों, मठ-मंदिरों के प्रति श्रद्धा को कम करने के लिए षड्यंत्र कर रहे हैं। इन षड्यंत्रों में कालनेमी लोग सक्रिय हैं और हम सभी को उनसे सतर्क रहना चाहिए। पंडित जी ने विश्वास जताया कि जो पापी हैं, भगवान के साथ-साथ देश का कानून भी उन्हें दंडित करेगा।
धीरेंद्र शास्त्री ने जनता से अपील की कि वे अपनी भावनाओं को नियंत्रित रखें। उन्होंने कहा कि कुछ उपद्रव करने वाली शक्तियां लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं ताकि हिंदू समुदाय के बीच मतभेद बढ़ाएं और संतों, महंतों व मंदिरों के प्रति श्रद्धा कम हो। इसलिए सभी हिंदुओं को विवेक और संयम से काम लेकर सनातन धर्म को स्थापित रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक घटना के कारण सनातन धर्म या उसकी प्रतिष्ठा को किसी भी तरह का आघात नहीं पहुँचने देना चाहिए।
अयोध्या के धार्मिक और सामाजिक माहौल में संतों के प्रति बढ़ती यह चिंता प्रशासन और समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि सभी मिलकर ऐसे षड्यंत्रों को विफल करें और देश की आस्था को पुनः मजबूत बनाएं।




